
लखनऊ, 8 सितंबर 2026:
यूपी में बेटियों को सिर्फ शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। विद्यालयों में संचालित मीना मंचों को बालिकाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व विकास का प्रभावी प्लेटफॉर्म बनाने के लिए राज्य स्तर पर बड़े प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत होने जा रही है। विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के तहत आयोजित इस अभियान में 450 प्रतिभागियों को ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) और मास्टर ट्रेनर (एमटी) के रूप में तैयार किया जाएगा।
प्रदेश की महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार एसआईईटी, प्रयागराज में कल से 24 सितंबर तक नौ बैचों में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होगी। हर बैच में 50 प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रशिक्षण में मीना मंचों को अधिक प्रभावी बनाने, बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और यौन शोषण से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिभागियों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
नौ बैच, 450 प्रतिभागी और 75 जिलों की भागीदारी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम और द्वितीय बैच की कार्यशाला कल एवं 10 सितंबर, तृतीय और चतुर्थ बैच की 11 एवं 12 सितंबर, सप्तम और अष्टम बैच की 16 एवं 17 सितंबर, पंचम और षष्ठम बैच की 21 एवं 22 सितंबर तथा नवें बैच की कार्यशाला 23 एवं 24 सितंबर को होगी। प्रशिक्षण में प्रदेश के 75 जिलों से प्रतिभागी शामिल होंगे। अलग-अलग बैचों में बदायूं, बुलंदशहर, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, कानपुर, बरेली, आजमगढ़, अयोध्या समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों की सहभागिता रहेगी।
प्रशिक्षित होंगे ‘लीडरशिप के मास्टर ट्रेनर’
इस पहल का सबसे अहम पहलू यह है कि प्रशिक्षण हासिल करने वाले टीओटी और एमटी आगे संबंधित स्तरों पर अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षित करेंगे। यानी सरकार की कोशिश केवल एक कार्यशाला आयोजित करने तक सीमित नहीं है। स्कूल स्तर तक नेतृत्व और सुरक्षा से जुड़ी क्षमता का नेटवर्क तैयार करने की है।
मीना मंचों के जरिए बालिकाओं को अपनी बात रखने, निर्णय लेने, नेतृत्व करने और अपने अधिकारों व सुरक्षा के प्रति जागरूक होने के अवसर मिलेंगे। इससे विद्यालयों में बालिकाओं की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे लाने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक मीना मंच बालिकाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व विकास का प्रभावी माध्यम है। 450 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण इस व्यवस्था को नई मजबूती देगा।






