
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 9 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की मुहिम को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में बुधवार को लोक भवन में बड़ा कदम उठाया गया। ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘एक प्रयास, नशा मुक्त हो समाज’ कार्यक्रम में नशे की रोकथाम को लेकर विशेषज्ञों ने मंथन किया। इस दौरान ‘नशा मुक्त उत्तराखंड हेतु देहरादून घोषणा-पत्र’ जारी किया गया। इसमें युवाओं को नशे से बचाने, नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार एवं पुनर्वास और समाज की सामूहिक भागीदारी को लेकर दस प्रमुख संकल्प शामिल किए गए।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य की समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए युवाओं, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और पूरे समुदाय को एकजुट होकर जनआंदोलन खड़ा करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं में देश और प्रदेश के निर्माण की अपार क्षमता है। उनकी ऊर्जा को नशे से दूर रखकर शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों और रोजगार की दिशा में लगाने की जरूरत है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। कहा कि नशे की रोकथाम, उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास पर समान रूप से काम करना होगा। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्त वातावरण तैयार करने व विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की प्रभावी व्यवस्था पर जोर दिया। साथ ही नशा मुक्ति अभियान में मातृशक्ति की भागीदारी को मजबूत बनाने की जरूरत बताई।
कार्यक्रम में ‘व्यसन मुक्त, सशक्त शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण’ विषय पर परिचर्चा में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, सीआईएमएस ग्रुप ऑफ कॉलेज एवं सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी, डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. संजय जसोला और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने विचार रखे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की काउंसलिंग, जागरूकता और संस्थानों में नशा विरोधी वातावरण तैयार करने की जरूरत बताई। इसके बाद ‘नशा मुक्त समाज-समुदाय आधारित’ विषय पर परिचर्चा में विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. सलोनी, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर और आईजी निलेश आनंद भरणे ने नशे की रोकथाम में परिवार, समाज, प्रशासन और युवाओं की संयुक्त भूमिका पर जोर दिया।

दून विश्वविद्यालय के थिएटर विभाग ने नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के दुष्प्रभावों और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ। इसमें नशे की लत, मानसिक स्वास्थ्य, उपचार और पुनर्वास से जुड़े सवाल पूछे गए। राज्यपाल ने डॉ. रोहित रस्तोगी की पुस्तक ‘नशा मुक्त नव-निर्माण’ का विमोचन किया और प्रतिभागियों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन, सचिव शैलेश बगोली, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधिक सलाहकार राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल सहित शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।






