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ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर APK भेजा, 13 रुपये जमा करते ही खाते से निकले 6.38 लाख

फर्जी कॉल में मीटर बंद होने का डर दिखाकर युवक को भेजी APK फाइल, एक दर्जन ट्रांजैक्शन में रकम निकली, चार महीने से बिल नहीं आने की बात से कॉल करने वाले पर हुआ भरोसा, ठगी के बाद 1930 पर दर्ज कराई शिकायत, साइबर ठगों ने WhatsApp नंबर के जरिए संपर्क कर मीटर अपडेट चार्ज जमा करने का झांसा दिया

लखनऊ, 11 सितंबर 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है। ठगों ने Green Gas Meter Update के नाम पर एक APK फाइल भेजकर पहले सिर्फ 13 रुपये जमा कराए, इसके बाद पीड़ित के बैंक खाते से 6.38 लाख रुपये निकाल लिए। ठगी की रकम अलग-अलग ट्रांजैक्शन में निकाली गई। साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

मीटर बंद होने का डर दिखाया

कानपुर रोड पर सरोजनीनगर में रहने वाले पवन कुमार का गोमतीनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। उनके मुताबिक एक अनसेव नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनका ग्रीन गैस मीटर अपडेट होना है। अगर मीटर अपडेट नहीं कराया गया तो गैस कनेक्शन बंद हो सकता है। पवन ने समय नहीं होने की बात कही तो ठग ने अगले दिन फोन करने को कहा। बातचीत के लिए एक WhatsApp नंबर भी दिया गया।

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पहले 13 रुपये का चार्ज जमा कराया, चार महीने से नहीं आया था गैस बिल

इसके बाद दोबारा फोन आया। कॉल करने वाले ने मीटर अपडेट करने के लिए Green Gas Meter Update नाम की APK फाइल भेजी। पवन को इस फाइल को खोलकर मांगी गई डिटेल भरने के बाद 13 रुपये मीटर अपडेट चार्ज जमा करने को कहा गया। पवन के मुताबिक पिछले करीब चार महीने से उनके पास गैस का बिल नहीं आ रहा था। इसी वजह से उन्हें लगा कि कॉल करने वाला सही जानकारी दे रहा है। उन्होंने APK फाइल खोली, उसमें मांगी गई जानकारी भरी फिर 13 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही प्रक्रिया उनके बैंक खाते से बड़ी रकम उड़ाने का रास्ता बन जाएगी।

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20 मिनट में हुए एक दर्जन ट्रांजैक्शन, एफआईआर दर्ज

सुबह 8:50 से 9:20 बजे के बीच उनके बैंक खाते से लगातार ट्रांजैक्शन हुए। करीब 20 मिनट के भीतर 13 ट्रांजैक्शन में 6,38,767.64 रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी होने पर पवन ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया। पवन ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराकर रकम वापस कराने के साथ मामले में कार्रवाई की मांग की है।

विभाग के आधिकारिक नंबर की पुष्टि जरूरी

एक्सपर्ट कहते हैं कि साइबर ठगी के इस मामले में खास बात यह है कि ठगों ने सीधे बड़ी रकम का लालच नहीं दिया। पहले मीटर बंद होने का डर दिखाया गया, फिर छोटी रकम यानी 13 रुपये का चार्ज जमा कराने के लिए APK फाइल खुलवाई गई। ऐसे मामलों में अनजान नंबर से आई APK या किसी भी तरह की ऐप फाइल फोन में इंस्टॉल या ओपन करना खतरनाक हो सकता है। गैस मीटर, बिजली कनेक्शन, बैंक KYC या किसी सरकारी सेवा के नाम पर आए लिंक या APK पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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