
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 12 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बड़ोवाला में बैंककर्मी पर जानलेवा फायरिंग के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका दूसरा साथी फरार हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी को बैंककर्मी की हत्या करने के लिए एक महिला ने पांच लाख रुपये में सुपाड़ी दी थी। सौदे के तहत उसे 1.20 लाख रुपये एडवांस मिल चुके थे। बाकी पैसा लेने वह देहरादून आया था, इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया।
आठ सितंबर को बैंककर्मी पर फायरिंग के बाद दिल्ली और हरियाणा भागा आरोपी शुक्रवार रात को कथित तौर पर बाकी रकम लेने साथी के साथ देहरादून लौटा था। इसी दौरान गोरखपुर चौक के पास पुलिस की घेराबंदी में दोनों फंस गए। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ में घायल आरोपी की पहचान अंकित चौहान (25 वर्ष) निवासी लक्सर, हरिद्वार के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से देसी तमंचा व दो कारतूस बरामद किए हैं। वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की बाइक भी बरामद हुई है। फरार आरोपी की पहचान अंकुर निवासी लक्सर के रूप में हुई है।
बैंक से निकलते ही पीछा, बड़ोवाला में चलाई गोली
पुलिस के मुताबिक आठ सितंबर को साक्षी चौहान अपने फुफेरे भाई सत्यम कुमार के साथ स्कूटी से घर लौट रही थीं। शिमला बायपास रोड पर जेआईओ पेट्रोल पंप से करीब 200 मीटर आगे बाइक सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी के आगे बाइक रोक दी और सत्यम को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगने से सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पटेलनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों की पहचान व लोकेशन जुटाई। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग में शामिल दोनों आरोपी दोबारा देहरादून आए हैं।
पांच लाख में हत्या की कथित सुपारी
पुलिस के अनुसार पूछताछ में अंकित ने बताया कि उसकी मुलाकात रानीपुर निवासी मोहित से हुई थी। मोहित ने उसकी पहचान एक निजी बैंक में काम करने वाली मालिया रहमान से कराई। पुलिस का दावा है कि मालिया की वर्ष 2020 में उज्जीवन बैंक हरिद्वार में नौकरी के दौरान सत्यम कुमार से पहचान हुई थी। मालिया ने अंकित को बताया कि सत्यम कई वर्षों तक उसे शादी का भरोसा देता रहा, लेकिन बाद में उसने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली। इसके बाद मोहित और मालिया ने कथित तौर पर सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए अंकित को पांच लाख रुपये देने की पेशकश की। पुलिस के अनुसार सौदा तय होने के बाद मालिया ने अंकित को 1.20 लाख रुपये एडवांस दिए। शेष रकम वारदात के बाद देने की बात कही। पुलिस का दावा है कि सत्यम की तस्वीर और उसके देहरादून स्थित बैंक कार्यालय की जानकारी भी आरोपी को उपलब्ध कराई गई।
फायरिंग के तीन दिन बाद फिर लौटा आरोपी
पुलिस के अनुसार आठ सितंबर की शाम अंकित अपने साथी अंकुर के साथ देहरादून पहुंचा और बैंक के बाहर सत्यम के निकलने का इंतजार करने लगा। सत्यम के बैंक से निकलने के बाद दोनों ने उसका पीछा किया। बड़ोवाला में सुनसान जगह पर बाइक उसकी स्कूटी के आगे लगाकर उस पर फायर कर दिया गया। गोली लगने के बाद सत्यम झाड़ियों की ओर भाग गया। लोगों की भीड़ जुटने पर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दोनों दिल्ली और फिर हरियाणा भाग गए। कथित तौर पर मोहित के कहने पर बाकी रकम लेने दोनों फिर देहरादून पहुंचे थे। बहरहाल घायल अंकित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस फरार शूटर की तलाश के साथ ही कथित पांच लाख रुपये की सुपारी की साजिश में शामिल मोहित और मालिया की भूमिका की भी जांच कर रही है।






