
लखनऊ, 12 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में पंचायत सहायकों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। ईको गार्डन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे हजारों पंचायत सहायक कई दिन से अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हैं। भारी बारिश और तेज धूप के बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले में कमी नहीं आई। शनिवार को आंदोलन को उस समय और ताकत मिली जब अपनी जनता पार्टी के प्रमुख एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और आजाद समाज पार्टी के मुखिया एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद धरनास्थल पहुंचे।
दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी पंचायत सहायकों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। नेताओं के पहुंचते ही धरनास्थल पर पंचायत सहायकों की भीड़ और नारेबाजी तेज हो गई। प्रदर्शनकारियों ने उनका स्वागत किया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की।
6 हजार मानदेय पर सवाल, 30 हजार रुपये की मांग
पंचायत सहायकों का सबसे बड़ा मुद्दा मानदेय बढ़ाने का है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन कामकाज के साथ-साथ कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाई जाती हैं लेकिन इसके बदले उन्हें महज 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। सहायकों ने इसे उनकी जिम्मेदारियों के मुकाबले बेहद कम बताते हुए मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से उठाते हुए 30 हजार रुपये मासिक मानदेय देने के साथ पंचायत सहायकों को स्थायी किए जाने की मांग की। चंद्रशेखर आजाद ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया।
नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
पंचायत सहायकों की मांग सिर्फ मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनसे ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन कार्यों के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाई जा रही हैं। ऐसे में उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। इसके साथ ही पंचायत सहायकों ने सेवा सुरक्षा और मानदेय के समय पर भुगतान की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि काम और जिम्मेदारियों के अनुरूप उनकी सेवा को सुरक्षित किया जाना जरूरी है।

ट्रांसफर और करियर को लेकर भी स्पष्ट नियम की मांग
आंदोलनकारी पंचायत सहायकों ने ट्रांसफर और सेवा से जुड़े नियम स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि सेवा व्यवस्था में पारदर्शी और स्पष्ट नियम होने चाहिए जिससे कर्मचारियों को भविष्य को लेकर अनिश्चितता न रहे। इसके अलावा उचित कैरियर और सेवा लाभ उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
आज लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायको से मुलाकात कर उनके धरना को समर्थन दिया। मांगों को गंभीरता से उठाते हुए ₹30,000 प्रतिमाह मानदेय देने तथा उन्हें स्थायी किए जाने की मांग की। pic.twitter.com/8k8PfETECN
— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) September 12, 2026
ईको गार्डन में जारी इस आंदोलन के जरिए पंचायत सहायक सरकार के सामने अपने मानदेय, नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से रख रहे हैं। शनिवार को नेताओं के समर्थन से प्रदर्शनकारियों का जोश और बढ़ गया और धरनास्थल पर देर तक नारेबाजी का दौर चलता रहा।






