
लखनऊ, 12 सितंबर 2026:
यूपी में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती का विवाद एक बार फिर सड़क पर आ गया है। नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलित आरक्षित वर्ग के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को पुलिसकर्मी टांगकर वहां से ले गए और ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनके मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर ले जाकर अंतिम निर्णय कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया।
40 फीसदी के आधार पर संशोधित परिणाम की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुसार OBC वर्ग को आरक्षित श्रेणी में माना जाए। इसके आधार पर पूर्णांक 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत को पात्रता का आधार मानते हुए संशोधित परिणाम जारी किया जाए और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।

आंदोलन की अगुवाई कर रहे तूफान सिंह के मुताबिक 10 सितंबर की बैठक में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन की ओर से स्पष्ट किया गया कि OBC वर्ग को पांच प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए थी और उसे आरक्षित श्रेणी में रखा जाना चाहिए था। उनका कहना है कि ऐसा किए बिना विज्ञापन जारी हुआ और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के साथ नियुक्तियां भी दी जा चुकी हैं।
सात साल बाद भी नहीं सुलझा मामला
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को करीब सात वर्ष बीत चुके हैं। ऐसे में अब प्रकरण का समाधान सामान्य प्रशासनिक स्तर पर नहीं अपितु उच्च स्तर पर निर्णय लेकर ही संभव है। बैठक में भी यह बात सामने आई थी कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन, OBC वर्ग को आरक्षित श्रेणी में मानते हुए संशोधित परिणाम जारी करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर फैसला उच्च स्तर से लिया जाना जरूरी है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने पूरे मामले पर मुख्यमंत्री से वार्ता करने की बात कही थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक, बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस मामले में अंतिम सकारात्मक निर्णय मुख्यमंत्री स्तर से ही लिया जा सकता है। इसी आश्वासन के बाद शनिवार को अभ्यर्थी डिप्टी सीएम के आवास तक पहुंचे।
ईको गार्डन में चल रहा है आंदोलन
वहीं, 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का लखनऊ के ईको गार्डन में अनवरत आंदोलन भी जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से अपने अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। शनिवार को डिप्टी सीएम आवास के बाहर हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर इस पुराने भर्ती विवाद को प्रदेश की सियासत और शासन के केंद्र में ला दिया है।






