
अनिल निषाद
अयोध्या, 15 सितंबर 2026:
यूपी के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच अब CEO की नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। CEO पद के लिए आवेदन करने वाले पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे के एक Podcast में दिए बयान के बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे। इसके बाद दूसरे आवेदक रहे पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से चयन प्रक्रिया पर जवाब मांगा। विवाद बढ़ने पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी ने लिखित स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा 11 अगस्त को Interview Process में शामिल हुए थे।
5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी CEO की तलाश
ट्रस्ट की ओर से जारी स्पष्टीकरण के मुताबिक CEO के चयन के लिए 6 जुलाई 2026 को Search Committee बनाई गई थी। समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले। इन आवेदनों की स्क्रीनिंग दिल्ली एनसीआर, पुणे व संबलपुर में की गई। इसमें AI Screening के साथ मैनुअल विशेषज्ञ मूल्यांकन का भी इस्तेमाल किया गया।
16 उम्मीदवार पहुंचे अंतिम चरण में
स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। इन सभी की 11 व 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत हुई। ट्रस्ट के मुताबिक एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 11 अगस्त को पहली पाली में इस Interview Process में हिस्सा लिया था।

1 सितंबर को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट
Search Committee ने 1 सितंबर को अपनी अंतिम रिपोर्ट व सिफारिशें ट्रस्ट को सौंप दीं। इसके बाद 2 सितंबर को ट्रस्ट की ओर से शीर्ष तीन अनुशंसित उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए गए। इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, संजय प्रतापसिंह विश्वास राव व श्रुति भारद्वाज के नाम शामिल थे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का CEO चुना गया।
राजेश पांडे के बयान से उठे सवाल
विवाद की शुरुआत पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे के Podcast में दिए बयान से हुई। उनके बयान को लेकर यह खबर सामने आई कि वह दावा कर रहे हैं कि जितेंद्र मिश्रा अंतिम 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे या Interview देने नहीं पहुंचे थे। बाद में राजेश पांडे ने इस बात को गलत बताया। राजेश पांडे ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उनका दावा कभी यह नहीं था कि वह Top 3 में शामिल थे। उनके मुताबिक उन्हें इसकी जानकारी किसी आधिकारिक स्रोत से नहीं मिली थी, बल्कि सोशल मीडिया व अखबारों में आई खबरों के आधार पर उन्हें ऐसी जानकारी मिली थी।
ये मेरी तरफ से स्पष्टीकरण है, क्योंकि राम मंदिर के CEO के चयन को लेकर मीडिया में भ्रांतियाँ फैलाई जा रही हैं।
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— IPS Rajesh Pandey (@RajeshPandeyIPS) September 14, 2026
अपने इंटरव्यू स्लॉट में मिश्रा को नहीं देखा
राजेश पांडे ने कहा कि मीडिया में यह बात भी गलत तरीके से फैलाई गई कि उन्होंने दावा किया था कि रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा Interview देने ही नहीं आए थे। उनका कहना है कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि 11 अगस्त को जिस समय उनका अपना इंटरव्यू स्लॉट था, उस दौरान उन्होंने जितेंद्र मिश्रा को वहां नहीं देखा। उन्होंने मीडिया से गलत व भ्रामक खबरें नहीं चलाने की अपील की है।

अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से मांगा था जवाब
इसी Podcast को आधार बनाकर CEO पद के एक अन्य आवेदक जबरिया रिटायर्ड पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट के अध्यक्ष व महासचिव को पत्र भेजकर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह खुद इस पद के उम्मीदवार रहे हैं, इसलिए चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता में उनका सीधा हित जुड़ा है। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि अगर राजेश पांडे के Podcast में सामने आए कथन सही हैं तो मामला सिर्फ एक उम्मीदवार के चयन तक सीमित नहीं रहता। इससे चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने ट्रस्ट से यह स्पष्ट करने की मांग की कि अगर जितेंद्र मिश्रा अंतिम चरण के 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे तो उनका नाम Top 3 में किस आधार पर आया।
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ चयन के संबंध में पूर्व आईपीएस श्री राजेश पांडे के पॉडकास्ट में दिए गए बयान से कई गंभीर सवाल सामने आते हैं, जिनके क्रम में @azadadhikarsena के @amitabhthakur ने ट्रस्ट से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. pic.twitter.com/dCIIV0cje2
— Amitabhthakur (@amitabhthakur) September 14, 2026
ट्रस्ट ने कहा- रिकॉर्ड में दर्ज है मिश्रा का इंटरव्यू
अमिताभ ठाकुर के सवालों के बाद ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में इन दावों को खारिज किया गया। ट्रस्ट ने कहा कि जितेंद्र मिश्रा 11 अगस्त को पहली पाली में Interview Process में शामिल हुए थे। ट्रस्ट के मुताबिक चयन प्रक्रिया का हर चरण Documented था और अंतिम चरण में शामिल सभी उम्मीदवारों की पहचान अयोध्या में दर्ज की गई थी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के संबंध में तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता है, ताकि कुछ मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने वाली गलत जानकारी को संबोधित किया जा सके।
प्रलेखित तथ्य
1. 6 जुलाई 2026 को खोज समिति का गठन किया गया।
2. खोज समिति को… pic.twitter.com/dLJJrmhQpQ
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) September 14, 2026
पारदर्शिता पर ट्रस्ट का जोर
ट्रस्ट ने कहा है कि CEO चयन की प्रक्रिया संस्थागत Governance व पारदर्शिता के तय मानकों के तहत की गई। ट्रस्ट की ओर से यह भी कहा गया कि चयन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी आगे की जांच के लिए तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाती रहेगी। वहीं अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि यदि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह अपने अधिकारों व सार्वजनिक हित में न्यायिक या वैधानिक मंच पर चयन प्रक्रिया व नियुक्ति को चुनौती देने समेत उपलब्ध कानूनी रास्ते अपनाने पर विचार करेंगे।






