
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 15 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में खेल निदेशालय की कार्यप्रणाली और बैडमिंटन हॉल की फीस में भारी बढ़ोतरी के विरोध में मंगलवार को सीनियर राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। खिलाड़ियों ने परेड ग्राउंड स्थित बैडमिंटन हॉल में धरना देकर खेल निदेशालय के खिलाफ विरोध जताया। उनका आरोप है कि निदेशालय खिलाड़ियों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है और ऐसे आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिनसे नियमित रूप से खेल रहे सीनियर खिलाड़ियों के सामने भी मैदान छोड़ने की स्थिति पैदा हो रही है।
प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने धामी सरकार के ‘स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ के नारे पर भी सवाल उठाए। खिलाड़ियों का कहना है कि जब खेल सुविधाओं का उद्देश्य आम लोगों तक खेल पहुंचाना है, तब बैडमिंटन हॉल की मासिक फीस सीधे 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करना इस नीति के विपरीत है। खिलाड़ियों ने कहा कि इस हॉल में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक भी स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए नियमित रूप से बैडमिंटन खेलते हैं। ऐसे में 2500 रुपये मासिक शुल्क उनके लिए भारी बोझ है।
खिलाड़ियों का आरोप है कि फीस में करीब ढाई गुना बढ़ोतरी महज शुल्क संशोधन नहीं, बल्कि खेल सुविधाओं के व्यावसायीकरण की दिशा में कदम है। उन्होंने सवाल उठाया कि महंगाई और सामान्य खर्चों में वृद्धि के आधार पर फीस बढ़ानी थी तो उसका अनुपातिक निर्धारण किया जा सकता था, लेकिन एकमुश्त इतनी बड़ी बढ़ोतरी आम खिलाड़ियों की पहुंच पर सीधा असर डालेगी। खिलाड़ियों ने कहा कि सरकारी खेल परिसरों का मकसद खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना व आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि उन्हें महंगी फीस के कारण इन सुविधाओं से बाहर करना।
धरने पर बैठे खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री धामी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने खेल निदेशालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर खिलाड़ियों के हित में निर्णय लेने और फीस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। खिलाड़ियों ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नीतियों का वास्तविक लाभ मैदान तक पहुंचना चाहिए। खिलाड़ियों ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली गई और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों, खेल संघों व संबंधित संगठनों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
खिलाड़ियों ने कहा कि धरना सरकार और खेल निदेशालय को अपनी मांगों से अवगत कराने का पहला चरण है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह ‘स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ के नारे को जमीन पर उतारती है या सरकारी खेल सुविधाओं को बढ़ती फीस के दायरे में सीमित करती है। विरोध-प्रदर्शन में मुख्य रूप से वरिष्ठ एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एसके पटेल, एसएस पुंडीर, पुनीता नागिया, दीपक, हिमांशु अरोरा, डॉ. केपी जोशी समेत राज्य स्तर के सीनियर बैडमिंटन खिलाड़ी व खेल प्रेमी मौजूद रहे।






