
देहरादून, 2 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलाधिकारियों व शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को चिह्नित कर निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो और जनपदों की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाए। इसमें लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
समितियों की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाएं
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों की आवश्यकताओं व जनहित से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से ऐसे चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जो लंबे समय से बिना सूचना या अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। कहा कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से विभागीय सचिवों को अवगत कराया जाए।
जनपद स्तर पर रिक्त पदों को भरने पर भी हुई चर्चा
मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस को गंभीरता से लागू कराने को कहा। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के जनपद व विकासखंड स्तर पर रिक्त पदों को भरे जाने या आवश्यकतानुसार पद सृजित किए जाने, भूमि हस्तांतरण से सम्बन्धित प्रकरणों, विभिन्न विभागीय परियोजनाओं की स्वीकृति एवं बजट की उपलब्धता और चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने डिस्ट्रिक्ट टेलीकॉम कमेटी की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनपदों में नेटवर्क से सम्बन्धित समस्याओं को डीडीजी टेलीकॉम व सचिव आईटी के संज्ञान में लाकर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह से संबंधित समस्या उठाई
मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में अगले 15 दिनों में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा गया। साथ ही, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति व विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह के लिए दी जाने वाली सहायता राशि के आवेदन की कट ऑफ डेट से संबंधित समस्या भी उठाई गई। जनपद स्तर पर बताया गया कि फरवरी में निर्धारित कट ऑफ डेट के कारण मार्च में होने वाले विवाहों के लिए पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में कट ऑफ डेट से संबंधित प्रावधान को हटाने की मांग रखी गई। बैठक के दौरान जनपदों द्वारा उठाई गई विभिन्न समस्याओं व लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।






