
गोरखपुर, 15 सितंबर 2026:
यूपी के गोरखपुर में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मिला मोबाइल फोन चौथी कक्षा के एक बच्चे के व्यवहार में बदलाव की वजह बन गया। परिवार का कहना है कि बच्चा धीरे-धीरे मोबाइल का आदी हो गया। फोन पर Porn Video देखने के बाद उसके व्यवहार में गंभीर बदलाव नजर आया। इसी दौरान उसने अपनी सात वर्षीय बहन के साथ आपत्तिजनक हरकत की। मां के कमरे में पहुंचने पर मामला सामने आया, जिसके बाद परिवार ने बच्चे को मनोवैज्ञानिक चिकित्सक को दिखाया।
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए दिया था मोबाइल
परिवार के मुताबिक, बच्चा सिविल लाइंस इलाके के एक प्रतिष्ठित स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए उसे मोबाइल फोन दिया गया था। पढ़ाई के बीच वह गेम खेलने लगा। करीब छह महीने पहले उसकी मोबाइल को लेकर जिद काफी बढ़ गई। फोन नहीं मिलने पर रोना, चिड़चिड़ापन समेत दूसरे व्यवहारिक बदलाव परिवार ने महसूस किए।
बाथरूम में भी काफी देर तक चलाता था फोन
स्वजन के मुताबिक, बच्चा मोबाइल लेकर बाथरूम में भी काफी देर तक रहने लगा था। शक होने पर परिवार ने उसके फोन की जांच की तो उसमें अश्लील वेबसाइट खुली मिलीं। परिवार ने बच्चे को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसका व्यवहार सामान्य नहीं हुआ।
स्कूल में सामने आई शिक्षक की अशोभनीय तस्वीर वाली शिकायत
करीब दो महीने पहले स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के स्वजन को बुलाया। वहां एक शिक्षिका की आपत्तिजनक तस्वीर बनाए जाने की जानकारी दी गई। सहपाठियों ने भी बच्चे के अनुचित व्यवहार की शिकायत की थी। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चे का नाम काट दिया। परिवार को उसके इलाज की सलाह दी गई।
बहन के साथ हरकत के बाद परिवार को पता चला
इसके बाद घर में भी बच्चे के व्यवहार पर नजर रखी जाने लगी। परिवार के अनुसार, एक दिन उसकी मां कमरे में पहुंची तो बच्चे की सात वर्षीय बहन के साथ उसकी आपत्तिजनक हरकत सामने आई। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे को मनोवैज्ञानिक चिकित्सक के पास ले जाना शुरू किया।
मनोवैज्ञानिक की निगरानी में काउंसिलिंग जारी
मनोवैज्ञानिक चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चे की नियमित काउंसिलिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में अश्लील सामग्री तक पहुंच, लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने जैसी वजहों से बच्चों के व्यवहार में समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि किसी बच्चे में मानसिक विकार होने का निष्कर्ष केवल शुरुआती घटनाओं के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए विशेषज्ञ की विस्तृत जांच जरूरी होती है।






