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UP Government’s initiative : अस्पतालों में गूंजेगी करघों की खनक! बुनकरों को मिलेगा सरकारी खरीद का बड़ा बाजार

सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की खरीद की तैयारी, हथकरघा निगम के जरिए बुनकरों और सहकारी समितियों से होगी आपूर्ति, रोजगार और आमदनी बढ़ाने पर फोकस

लखनऊ, 15 सितंबर 2026:

यूपी के बुनकरों के लिए सरकारी अस्पतालों के दरवाजे अब बड़े बाजार के रूप में खुलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने हथकरघा क्षेत्र को नई ताकत देने के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करने की पहल की है जिसके तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उत्पाद प्रदेश के बुनकरों से खरीदे जाएंगे। यानी करघे पर तैयार होने वाली बेडशीट और अन्य उत्पादों को बाजार की तलाश में भटकने के बजाय सरकारी संस्थानों में नियमित मांग मिलने की उम्मीद है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में इस व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में हथकरघा निर्मित बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रदेश के बुनकर परिवारों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद

सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा प्रदेश के बुनकर परिवारों को मिलने की उम्मीद है। मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपूर्ति की पूरी व्यवस्था को जल्द अंतिम रूप दिया जाए। सरकार का जोर केवल सरकारी संस्थानों की जरूरत पूरी करने पर नहीं अपितु सरकारी खरीद को बुनकरों के लिए स्थायी बाजार और निरंतर रोजगार का माध्यम बनाने पर है।

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प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को उनकी जरूरत के मुताबिक हथकरघा उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन उत्पादों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्रदेश के बुनकरों और बुनकर सहकारी समितियों से कराया जाएगा।
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करघे से अस्पताल तक पहुंचेगा बुनकर का उत्पाद

इस व्यवस्था के लागू होने पर बुनकरों को अपने उत्पादों के लिए बाजार तलाशने की चुनौती कुछ हद तक कम हो सकती है। सरकारी संस्थानों की नियमित जरूरत को स्थानीय उत्पादन से जोड़ने पर बुनकरों के काम में निरंतरता आने और परिवारों की आय मजबूत होने की उम्मीद है। इससे हथकरघा क्षेत्र को भी नई गति मिल सकती है।

मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों को भेजे जाने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले हों। इसके साथ ही खरीद और आपूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप देकर जरूरी दिशा-निर्देश जल्द जारी करने को कहा गया है। बैठक में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल सागर, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय, संयुक्त आयुक्त पीसी ठाकुर सहित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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