
लखनऊ, 16 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में 10 दिनों से चल रहे प्रदेशभर के पंचायत सहायकों के आंदोलन का बुधवार को पटाक्षेप हो गया। अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हजारों पंचायत सहायकों के बीच सरकार की ओर से बड़ा ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर हुई वार्ता के बाद प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों का मानदेय 3 हजार रुपये बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब पंचायत सहायकों को हर महीने 6 हजार रुपये के बजाय 9 हजार रुपये मानदेय मिलेगा।
हालांकि पंचायत सहायक मानदेय को 30 हजार रुपये करने की मांग पर अड़े हुए थे। सरकार ने मानदेय बढ़ाने के साथ सेवा सुरक्षा समेत कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। सरकार के फैसले की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और ईको गार्डन से प्रदर्शनकारी अपने-अपने घरों के लिए लौटने लगे।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा मानदेय
अभी पंचायत सहायकों को मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी के जरिए 9 हजार रुपये सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।
प्रधान-सचिव नहीं कर सकेंगे मनमाने तरीके से बर्खास्त
पंचायत सहायकों की सबसे अहम मांगों में सेवा सुरक्षा भी शामिल थी। सरकार ने इस पर भी बड़ा फैसला लिया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से किसी पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। यानी सेवा समाप्ति का अधिकार अब तय प्रक्रिया के तहत ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

मुकदमे वापस, हटाए गए पंचायत सहायक होंगे बहाल
आंदोलन के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई के चलते जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा। सरकार के इस फैसले को आंदोलन समाप्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश
सरकार ने महिला पंचायत सहायकों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्हें मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सभी पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी फैसला किया गया है।

मंत्री से वार्ता के बाद खत्म हुआ आंदोलन
पंचायत सहायकों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया। वार्ता के बाद मंत्री ने प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी दी। घोषणाओं के बाद पंचायत सहायकों ने धरना समाप्त कर दिया।
पंचायत सहायक 7 सितंबर से ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। आंदोलन के दौरान कई राजनीतिक दलों के नेता भी धरनास्थल पहुंचे और पंचायत सहायकों की मांगों का समर्थन किया। बुधवार को सरकार की घोषणाओं के बाद ईको गार्डन में चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पंचायत सहायक वापस लौटने लगे।






