
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 17 सितंबर 2026:
उत्तराखंड में 6,133 मीटर ऊंचे माउंट श्रीकंठ की चुनौती से निपटने के लिए SSB की 10 सदस्यीय ऑल-वुमन माउंट श्रीकंठ अभियान टीम गुरुवार को रवाना हुई। लोक भवन से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने अभियान को फ्लैग-ऑफ किया। उन्होंने सुरक्षा को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए दल को शुभकामनाएं दीं।
सुरक्षित वापसी को बताया बड़ी कामयाबी
राज्यपाल ने महिला पर्वतारोहियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि माउंट श्रीकंठ बेहद चुनौतीपूर्ण पर्वत है। ऐसे शिखर के लिए पूरी तरह महिला पर्वतारोहियों का दल रवाना होना महिला सशक्तीकरण का मजबूत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण में सिर्फ शिखर तक पहुंचना उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरी टीम के साथ सुरक्षित वापस लौटना उससे भी बड़ी कामयाबी है। उन्होंने अभियान दल को पर्वत की परिस्थितियों के साथ मौसम में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने की सलाह दी।
सात महिला पर्वतारोही, तीन अनुभवी सपोर्ट सदस्य
अभियान दल में Basic Mountaineering Course व Advanced Mountaineering Course से प्रमाणित सात महिला पर्वतारोही शामिल हैं। इनके साथ SSB के Counter Insurgency and Jungle Warfare School (CI&JW), ग्वालदम के तीन अनुभवी सपोर्ट पर्वतारोही भी रहेंगे।

आज से शुरू हुआ अभियान
SSB का यह Mount Srikanth Expedition 17 सितंबर से शुरू हुआ है। अभियान का मुख्य पर्वतारोहण चरण 3 से 6 अक्टूबर के बीच पूरा किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि दल को अलग-अलग स्तर पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अभियान की तैयारी भी व्यवस्थित तरीके से की गई है।

ऊंचाई पर टीमवर्क की होगी असली परीक्षा
अभियान के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, बदलता मौसम व दुर्गम रास्तों के बीच पर्वतारोहियों को आगे बढ़ना होगा। ऐसे हालात में प्रशिक्षण, अनुशासन, टीम भावना व सही समय पर फैसला लेने की क्षमता अहम रहेगी। राज्यपाल ने SSB के महानिदेशक संजय सिंघल, अधिकारियों, प्रशिक्षकों व अभियान से जुड़े सभी सदस्यों को इस पहल के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, महानिरीक्षक प्रशिक्षण संजीव शर्मा समेत SSB के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक व अभियान दल के सदस्य मौजूद रहे।






