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Mayawati का तंज, बोलीं- पहले UPI को खूब बढ़ावा दिया, अब Tax से जनता की जेब काटने की तैयारी

UPI Tax को लेकर BSP प्रमुख मायावती ने सरकार पर साधा निशाना, 15 अक्टूबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोलीं- नाम चाहे जो दिया जाए, बढ़ेगा आम जनता का खर्च, मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण की मजबूत पैरवी की मांग रखी

लखनऊ, 18 सितंबर 2026:

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने UPI भुगतान पर 15 अक्टूबर से लागू होने वाली शुल्क व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। Mayawati ने X Post के जरिए कहा कि पहले UPI Digital Transaction को खूब बढ़ावा दिया गया, अब उसी लेनदेन पर शुल्क लेने की नई व्यवस्था से आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा।

UPI Charges पर सरकार को घेरा

मायावती ने कहा कि इस व्यवस्था को प्रथमदृष्टया मुनाफाखोरी वाला पूंजीवादी रवैया माना जा सकता है, जिसके तहत जनता से दोनों हाथों से टैक्स वसूली की जा रही है। उनके मुताबिक इससे लोगों में बेचैनी व आक्रोश स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जनता इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ वाली व्यवस्था को कर मानने के लिए तैयार नहीं है। फिर भी 15 अक्टूबर से लागू होने वाली व्यवस्था को कोई भी नाम दिया जाए, आखिरकार इसका खर्च आम जनता को ही उठाना पड़ेगा।

महंगाई का जिक्र, सरकार से कल्याणकारी नीति की बात

मायावती ने अपने पोस्ट में देश की बहुसंख्यक जनता की गरीबी व महंगाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग पहले से ही आर्थिक तंगी से परेशान हैं, जबकि उनके बच्चे अशिक्षा, बेरोजगारी व अव्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सरकार की नीति व कार्ययोजना लाभ कमाने वाली व्यावसायिक व्यवस्था से ज्यादा कल्याणकारी हो तो यह उचित होगा। मायावती ने सवाल उठाया कि जनता की तंगी व दुख-तकलीफ की अगर सरकार चिंता नहीं करेगी तो फिर कौन करेगा?

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Smart School योजना पर भी उठाए सवाल

मायावती ने यूपी सरकार की करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के लगभग 14,500 स्कूलों को Smart School बनाने की घोषणा का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे अच्छी बात बताते हुए कहा कि बच्चों को स्मार्ट पढ़ाई देने से पहले उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी की जानी चाहिए।

हर स्कूल में दो लाख के भीतर सभी सुविधाएं देना मुश्किल

उन्होंने स्कूलों में बच्चों के लिए छत, बेंच, कुर्सी, किताब, शौचालय, मैदान व साफ-सफाई जैसी सुविधाओं की व्यवस्था पर जोर दिया। मायावती ने सवाल किया कि करीब दो लाख रुपये प्रति स्कूल के हिसाब से इन बुनियादी जरूरतों को पूरा करना कितना संभव हो पाएगा, इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।

आरक्षण मामले में यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग की

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि सामाजिक न्याय की जरूरत को देखते हुए यूपी सरकार को सहारनपुर, अम्बेडकरनगर, कन्नौज और जालौन के मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण के मामले में हाईकोर्ट के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण एससी समाज के हित और कल्याण के लिए स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के धन से हुआ है, इसलिए एससी वर्ग के लिए सामान्य 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग व्यवस्था को इसी आधार पर उचित ठहराया जा सकता था। मायावती ने कहा कि अब हाईकोर्ट की ओर से इस व्यवस्था पर रोक लगाए जाने और मेडिकल दाखिले प्रभावित होने के बाद यूपी सरकार को तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अपील कर जरूरी राहत मांगनी चाहिए।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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