लखनऊ, 4 जून 2026:
यूपी में आधुनिक और सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के विकास के लिए वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से तेजी से बढ़ती शहरी आबादी की आवासीय और आधारभूत सुविधाओं की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ प्रदेश में संतुलित एवं टिकाऊ नगरीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तीनों शहरों के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए 355.06 करोड़ रुपये तक की सीड कैपिटल अनुमन्य किए जाने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया गया है। यह धनराशि संबंधित विकास प्राधिकरणों और अभिकरणों को नए शहरों के निर्माण और आवश्यक अवसंरचना विकसित करने में सहायक होगी।
प्रदेश सरकार ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना लागू की थी। योजना के संचालन के लिए 6 अप्रैल 2023 को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। इस योजना का उद्देश्य मौजूदा शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए शहरी क्षेत्रों का विकास करना है।
इस योजना के तहत नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराया जाता है। यह सहायता अधिकतम 20 वर्षों की अवधि के लिए प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इससे विकास प्राधिकरणों को बड़े स्तर पर आवासीय, व्यावसायिक और सामाजिक अवसंरचना विकसित करने में वित्तीय सहयोग मिलेगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि नए शहरों का विकास बेहतर शहरी जीवन सुनिश्चित करने के साथ निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। आगरा, बरेली और प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्मार्ट नगरीय विकास के नए मॉडल के रूप में उभरेंगे।






