
राजकिशोर तिवारी
उत्तरकाशी, 28 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में खराब मौसम ने पर्वतीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तरकाशी जिले में अलग-अलग ट्रैक और चोटियों पर 10 ट्रेकिंग दलों के 136 पर्वतारोही फंस गए हैं। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार सुबह से तीन हेलिकॉप्टरों की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पांच पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक सभी पर्वतारोही सुरक्षित हैं और उनसे सैटेलाइट के जरिए लगातार संपर्क बना हुआ है।
पर्वतारोही कालिंदी ट्रैक पास, उड़न कॉल पास, माउंट सुदर्शन, भागीरथी-2, जोगिन-1, शिवलिंग-1 व 2, सतोपंथ और श्रीकंठ जैसी चोटियों के आरोहण के लिए सितंबर में अलग-अलग दलों के साथ रवाना हुए थे। खराब मौसम के कारण ये विभिन्न स्थानों पर फंस गए। रविवार देर शाम मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। रेस्क्यू के बाद सभी की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग कराने और जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बागेश्वर में 43 पर्वतारोही सुरक्षित
बागेश्वर जिले में भी तीन दलों के 43 पर्वतारोहियों को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया है। संबंधित जिलों में फंसे ट्रेकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन ने अलग-अलग रेस्क्यू प्लान तैयार किए हैं।

चीड़बासा में 1500 यात्रियों का रेस्क्यू
उधर, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बासा के पास देर रात स्लाइडिंग के कारण फंसे करीब 1500 यात्रियों को SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचाया। 27 सितंबर की रात सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम मौके पर पहुंची। चीड़बासा हेलीपैड के पास मलबा जमा था और पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे। जोखिम के बीच रेस्क्यू टीमों ने यात्रियों को स्लाइडिंग जोन सावधानी से पार कराया और सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया।
मौसम ठीक होने पर चार धाम यात्रा शुरू
आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने बताया कि मौसम की स्थिति में सुधार के बाद चारधाम यात्रा पुनः सुचारू कर दी गई है। सभी संबंधित डीएम को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित डीएम अपने-अपने जनपदों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार यात्रा संचालन के संबंध में आवश्यक निर्णय ले सकते हैं। मार्ग अवरुद्ध होने अथवा अत्यधिक वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति में डीएम अपने स्तर से यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर सकते हैं। विदित हो कि मौसम पूर्वानुमान के चलते यात्रियों व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत 26 सितंबर को दोपहर से 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई थी। अब मौसम में सुधार के बाद यात्रा को पुनः संचालित किया जा रही है।






