
प्रयागराज, 29 सितंबर 2026:
यूपी के प्रयागराज स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (RPNLU) का प्रशासनिक विवाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। कुलपति प्रो. डॉ. उषा टंडन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कुलसचिव वरुण कुमार पांडेय से जुड़े कई प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप और मार्गदर्शन मांगा है। बता दें कि विश्वविद्यालय की सामान्य परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं।
कुलसचिव पर कई मामलों में स्पष्टीकरण
कुलपति की ओर से उठाए गए मामलों में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कथित देरी भी शामिल है। इसके अलावा परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री वाली पेनड्राइव गायब होने, कार्यपरिषद के फैसले के बाद चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों को लेकर कुलसचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बॉयज हॉस्टल की जिम्मेदारी लेने से इनकार का मामला
विवाद में बॉयज हॉस्टल के वार्डन की जिम्मेदारी का मामला भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विधि विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा से जुड़ी हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद हॉस्टल की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया था। कुलपति की ओर से कुलसचिव को यह जिम्मेदारी दिए जाने पर उन्होंने इसे लेने से इनकार किया था।
डॉ. दीपक शर्मा से जुड़े मामले में हाईकोर्ट का आदेश
डॉ. दीपक शर्मा से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को जांच के आदेश दिए थे। कोर्ट ने परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के स्वतंत्र पुनर्मूल्यांकन का निर्देश भी दिया था। आदेश में जांच पूरी होने तक डॉ. शर्मा को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग रखने की बात कही गई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने डॉ. शर्मा या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष दर्ज नहीं किया था।
12 सहायक प्रोफेसरों के नियुक्ति पत्र का मुद्दा
RPNLU में 12 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति से जुड़ा मामला भी प्रशासनिक विवाद का हिस्सा बना है। कार्यपरिषद ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी थी, लेकिन कुलपति की ओर से आरोप है कि कुलसचिव ने चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए। विश्वविद्यालय में अगस्त में 12 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की जानकारी सार्वजनिक की गई थी।

परीक्षा की गोपनीय सामग्री वाली पेनड्राइव का भी जिक्र
कुलपति की ओर से लगाए गए आरोपों में परीक्षा सेल से गोपनीय परीक्षा सामग्री वाली पेनड्राइव गायब होने का मामला भी शामिल है। आरोप है कि इस मामले में कुलसचिव से जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया था, लेकिन उस पर भी विवाद खड़ा हुआ। इन आरोपों के आधार पर कुलसचिव से जवाब मांगा गया है। कुलपति ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में मार्गदर्शन और हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। वहीं कुलसचिव से मांगा गया स्पष्टीकरण इस प्रशासनिक विवाद में उनका पक्ष सामने आने के बाद स्थिति को और स्पष्ट करेगा।






