प्रयागराज न्यूज : सिखों पर टिप्पणी का मामला, राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग हाईकोर्ट ने ठुकराई
Rahul Gandhi : अमेरिका दौरे के बयान को लेकर दाखिल हुई थी याचिका, वाराणसी की ट्रायल कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनाया फैसला

प्रयागराज, 5 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सिख समुदाय पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया।
वाराणसी की अदालत का आदेश भी चुनौती में था
राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग नागेश्वर मिश्रा और अन्य याचिकाकर्ताओं ने की थी। इस मामले में वाराणसी की ट्रायल कोर्ट ने पहले ही एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ताओं ने निचली अदालत के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
सितंबर 2024 के बयान को बनाया आधार
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, राहुल गांधी ने सितंबर 2024 में अमेरिका दौरे के दौरान सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बयान दिया था। आरोप है कि उन्होंने भारत में सिखों के कड़ा पहनने, पगड़ी बांधने और गुरुद्वारे जाने की आजादी को लेकर चिंता जताई थी। इसी टिप्पणी को आधार बनाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी।

BNS की धारा 152 का भी दिया था हवाला
याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा पूर्व ग्राम प्रधान हैं। उनके अधिवक्ता के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 (4) के तहत पुलिस में आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 का हवाला देते हुए कथित बयान की जांच कराने की मांग की गई। अधिवक्ता ने यह दावा भी किया था कि राहुल गांधी की टिप्पणी के अगले दिन खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उनके बयान का समर्थन किया था। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।






