
प्रयागराज, 21 जुलाई 2026:
प्रयागराज के यमुनापार इलाके के एक गांव में आवारा और हमलावर कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। पिछले कुछ दिनों में कुत्तों के झुंड ने करीब 12 ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीणों ने एक कुत्ते को घेरकर लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद उसका शव गांव के बाहर एक पेड़ से लटका दिया। मकसद था कि बाकी झुंड शव देखकर हमला करने से डरें।
गांव में पांच कुत्तों के झुंड का आतंक
जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर खीरी थाना क्षेत्र के पाठकपुर गांव में इन दिनों करीब पांच आवारा कुत्तों का झुंड लोगों पर हमला कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ये कुत्ते राह चलते लोगों को देखते ही दौड़ पड़ते हैं। कई लोग इनके हमले में घायल हो चुके हैं, जिससे पूरे गांव में डर का माहौल है। घायल लोगों के अस्पताल पहुंचने के बाद मामला सामने आया।
मरे हुए जानवरों के शव खाने से बढ़ा हमला करने का अंदेशा
ग्रामीणों के मुताबिक गांव की मुख्य सड़क के पास गौशाला, तालाब और श्मशान घाट है। गौशाला या गांव में मरने वाले जानवरों के शव अक्सर वहीं फेंक दिए जाते हैं। कुत्ते लंबे समय से उन्हीं शवों को खाते रहे हैं। लोगों का दावा है कि इसी वजह से उनका व्यवहार बेहद आक्रामक हो गया और अब वे इंसानों पर भी हमला करने लगे हैं।
घर में घुसकर पति-पत्नी पर किया हमला
19 जुलाई की सुबह एक कुत्ता राघवेंद्र शुक्ला के घर में घुस गया और उन पर हमला कर दिया। बचाने पहुंचीं उनकी पत्नी अनुराधा शुक्ला भी उसकी चपेट में आ गईं। दोनों के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गांव में कुत्ते की तलाश शुरू कर दी गई।
40 ग्रामीणों ने घेरकर मार डाला
दोपहर में करीब 35 से 40 ग्रामीण लाठी और बल्लम लेकर निकले। काफी देर तक पीछा करने के बाद कुत्ते को घेर लिया गया। लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में शव को घसीटकर गांव के बाहर ले जाया गया और प्राइमरी स्कूल के पास तालाब किनारे एक पेड़ की डाल से लटका दिया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया ताकि दूसरे कुत्तों में डर बने।

कई लोग घायल, बच्चों को घर से नहीं निकलने दे रहे
ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में राघव मुरारी शुक्ला, गायत्री देवी वर्मा, इंद्रलाल कुशवाहा और उनकी सात साल की बेटी समेत कई लोग कुत्तों के हमले में घायल हुए हैं। किसी के चेहरे पर गहरे घाव हैं तो किसी के हाथ, सीने और उंगलियों पर गंभीर चोट आई है। कुछ घायलों का इलाज स्थानीय सीएचसी और पीएचसी में हुआ, जबकि पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए शहर के बेली अस्पताल भेजा गया।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार हो रहे हमलों से गांव में दहशत का माहौल है। परिवार छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम, एसडीएम कोरांव और खीरी थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर हमलावर कुत्तों को पकड़ने और गांव में सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।






