मोहब्बेवाला हादसा : NHAI व PWD के अधिकारियों पर मुकदमा, चार लोगों की गई थी जान
सड़क सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही बरतने के आरोप में की गई कार्रवाई, मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य थे शामिल, छह वर्षीय बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया था

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 5 नवंबर 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मोहब्बेवाला में हादसे में चार लोगों की जान जाने के बाद आखिरकार सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले विभागों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने सड़क सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही बरतने के आरोप में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार को आशारोड़ी से आईएसबीटी की ओर जा रही कार मोहब्बेवाला के पास ट्रेलर से टकरा गई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल थे। हादसे में छह वर्षीय बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा इंतजामों और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क की खामियों को बताया हादसे की वजह
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग 72ए पर पर्याप्त यातायात संकेतक, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे। सड़क किनारे बने गड्ढों के बारे में भी वाहन चालकों को आगाह करने के लिए कोई संकेतक नहीं थे। रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था का अभाव और मोहब्बेवाला के पास अचानक आने वाला मोड़ व ढलान दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे थे।
शिकायतों के बावजूद नहीं सुधरे इंतजाम
पुलिस शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमियों को लेकर पहले भी विभागों को शिकायतें दी गई थीं। इसके बावजूद आवश्यक सुधार नहीं किए गए। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया, लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद संबंधित दोनों विभागों का कोई अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।
एसपी सिटी ने की मुकदमे की पुष्टि
एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की शिकायत पर पटेलनगर कोतवाली में एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी को सौंपी गई है। पुलिस अब हादसे के कारणों, सड़क की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल कर रही है। साथ ही पूर्व में मिलीं शिकायतों और उन पर विभागों की ओर से की गई कार्रवाई का भी ब्योरा जुटाया जाएगा।






