गंगोत्री हाईवे पर गहरी खाई में गिरी एसयूवी, चार श्रद्धालुओं की गई जान, दो की तलाश में जुटीं टीमें
गंगनानी बाजार से आगे बढ़ने पर गाड़ी अनियंत्रित होकर गिरने से नदी में समाई, घटनास्थल पर पुलिस व एसडीआरएफ की टीमों का राहत व बचान अभियान जारी, चार शव बरामद, एक घायल, गुजरात से गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए निकले थे

राजकिशोर तिवारी
उत्तरकाशी, 5 नवंबर 2026:
उत्तराखंड में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को गंगनानी बाजार के पास डबरानी की ओर एसयूवी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरकर नदी में समा गई। गाड़ी में सात श्रद्धालु सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई और दो अन्य की तलाश में युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है। वहीं, एक घायल श्रद्धालु को अस्पताल भेजा गया है। पुलिस व एसडीआरएफ की टीमों ने चार लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। ये लोग गुजरात से गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए निकले थे।
तीन अन्य की नदी व आसपास के क्षेत्र में की जा रही तलाश
जानकारी के अनुसार एसयूवी में गुजरात के छह यात्री और एक चालक सवार थे। गाड़ी सुबह हिना के पास से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी। सुबह गंगनानी बाजार से आगे डबरानी की ओर बढ़ते समय अचानक गाड़ी अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते गाड़ी सड़क से नीचे गहरी खाई में गिरते हुए नदी में समा गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन सवारों को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस, एसडीआरएफ और 108 आपातकालीन सेवा की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव अभियान शुरू किया।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में गुजरात निवासी अशोकबेन पटेल (49), रुतिका पटेल (19), घनश्यामभाई सरवालिया (32) और वाहन चालक सुरेंद्र सिंह निवासी हरिद्वार शामिल हैं। वहीं, हादसे में घायल वेदांत अशोकभाई पटेल (17) गुजरात के रहने वाले हैं। इसके अलावा लापता महिलाओं की पहचान सुदाबेन पटेल (45) और किरणबेन पटेल (34) के रूप में हुई है। दोनों गुजरात की निवासी हैं। प्रशासन और बचाव दल लापता महिलाओं की तलाश में जुटे हैं।

दुर्गम परिस्थितियों के कारण बचाव दल को हो रही परेशानी
नदी का बहाव तेज होने और घटनास्थल पर दुर्गम परिस्थितियों के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जल पुलिस और गोताखोर भी अभियान में जुटे हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ की 27 सदस्यीय टीम को भी बचाव कार्य के लिए रवाना किया गया है। डीएम प्रशांत आर्य पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र और चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।






