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Drishyam 3 Review: विजय सलगांवकर का सामना अब क्राइम ब्रांच से, राज खुला तो बचने की गुंजाइश कितनी ?

अजय देवगन फिर बने विजय सलगांवकर, क्राइम ब्रांच की एंट्री व तब्बू के किरदार की वापसी से बढ़ा दबाव, जयदीप अहलावत ने जांच में जोड़ा नया एंगल, पुराने राज और नए सबूतों के बीच अदालत तक पहुंची कहानी

एंटरटेनमेंट डेस्क, 2 अक्टूबर 2026:

अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म Drishyam 3: The Conclusion सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है। Drishyam 3 में एक बार फिर विजय सलगांवकर की कहानी आगे बढ़ती है। पुराने मामले को लेकर विजय पर दबाव फिर बढ़ता है, जबकि तब्बू का किरदार उसे सजा दिलाने की कोशिश में जुटा नजर आता है। इस बार कहानी में नए किरदार और जांच का नया एंगल भी जुड़ता है।

क्राइम ब्रांच की जांच ने बढ़ाया तनाव

मामले की जांच क्राइम ब्रांच के एसपी विक्रम तोमर को सौंपी जाती है। जयदीप अहलावत ने इस किरदार को निभाया है। वह अपनी तेज सोच के साथ पुराने मामले की उन कड़ियों को जोड़ने में जुटते हैं, जिन्हें विजय लंबे समय से अपने तरीके से संभालता आया है। जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ नए सबूत सामने आते हैं, जिससे कहानी का सस्पेंस लगातार बना रहता है।

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अदालत तक पहुंचता है विजय का मामला

कहानी आगे बढ़ते हुए अदालत तक पहुंचती है, जहां प्रकाश राज का किरदार विजय के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है। पुराने राज खुलने लगते हैं तो विजय के सामने एक बार फिर अपने परिवार को बचाने के साथ खुद को कानूनी शिकंजे से दूर रखने की चुनौती आती है। फिल्म की कहानी इसी सवाल के आसपास घूमती है कि क्या विजय एक बार फिर अपने बनाए बचाव के घेरे को कायम रख पाएगा।

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अजय ने फिर पकड़ी विजय की वही गंभीरता

अजय देवगन ने विजय सलगांवकर के किरदार में फिर वही ठहराव और गंभीरता दिखाई है। चेहरे के हाव-भाव से वह किरदार की बेचैनी, चालाकी और भीतर चल रही उथल-पुथल को सामने लाते हैं। उनके संवाद भी किरदार के हिसाब से सहज लगते हैं। विजय की स्थिति जैसे-जैसे मुश्किल होती जाती है, अजय का अभिनय कहानी के तनाव को आगे बढ़ाने में मदद करता है।

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तब्बू और जयदीप ने संभाला जांच वाला पक्ष

तब्बू अपने किरदार में प्रभाव छोड़ती हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस कहानी के तनाव को मजबूत करती है। श्रिया सरन के हिस्से में भावनात्मक दृश्य ज्यादा हैं, जिन्हें उन्होंने सहज तरीके से निभाया है। जयदीप अहलावत जांच अधिकारी के रोल में अलग रंग लेकर आते हैं और उनका किरदार कहानी को आगे बढ़ाने वाला अहम हिस्सा बनता है। प्रकाश राज अपने अनुभव के साथ अदालत से जुड़े हिस्सों में असर छोड़ते हैं। रजत कपूर भी अपनी भूमिका में सहज नजर आते हैं। इशिता दत्ता और मृणाल जाधव ने भी अपने किरदारों के मुताबिक ठीक काम किया है।

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धीरे-धीरे खुलता है सस्पेंस

डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने कहानी को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय कई हिस्सों में धीरे-धीरे सस्पेंस तैयार किया है। पुराने किरदारों के बीच तनाव, परिवार से जुड़े भावनात्मक पल और जांच के दौरान सामने आने वाले मोड़ कहानी में दिलचस्पी बनाए रखते हैं। कुछ जगहों पर रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है, लेकिन फिल्म का सस्पेंस और विजय के सामने बढ़ती मुश्किलें दर्शकों को कहानी से जोड़े रखती हैं।

क्या फिल्म बांधकर रखती है?

Drishyam 3 में फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों से जुड़े रहस्य को आगे बढ़ाते हुए विजय सलगांवकर को एक बार फिर मुश्किल स्थिति में रखा गया है। अजय देवगन, तब्बू और जयदीप अहलावत की मौजूदगी कहानी को मजबूत बनाती है, जबकि अदालत और जांच से जुड़े हिस्से थ्रिल बढ़ाते हैं। फिल्म की सबसे बड़ी दिलचस्पी इस बात में है कि विजय के पुराने बचाव के सामने इस बार कौन-सा नया सबूत खड़ा होता है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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