
लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026:
यूपी में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई को शनिवार को बड़ा आर्थिक संबल मिला। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में चालू वित्त वर्ष के लिए अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 11 विद्यार्थियों को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्रों को छात्रवृत्ति की पैसे के इस्तेमाल को लेकर भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि इस धनराशि को खान-पान पर खर्च करने के बजाय शिक्षा पर लगाया जाए। विद्यार्थी अच्छी पाठ्य पुस्तकें और रेफरेंस बुक खरीदें। महापुरुषों की आत्मकथाएं और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ें तथा अपना बुक बैंक तैयार करें।
योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि धन के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई न छूटे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र विद्यार्थी को समय से छात्रवृत्ति मिले। मुख्यमंत्री के मुताबिक पहले छात्रवृत्ति वितरण में बिचौलियों और सरकारी तंत्र की भूमिका के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी लाभ से वंचित रह जाते थे, जबकि अब आधार आधारित व्यवस्था और सीधे बैंक खातों में भुगतान से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

चार लाख वंचित छात्रों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली बार विभिन्न कारणों से एससी-एसटी वर्ग के करीब चार लाख बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे। पोर्टल की व्यवस्था दुरुस्त कर अब इन विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र बच्चा छूटना नहीं चाहिए।
योगी ने छात्रवृत्ति वितरण के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को करीब 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। उनके अनुसार पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला है। मौजूदा चरण में ओबीसी के 2,23,615, एससी के 1,59,959, सामान्य वर्ग के 38,084 और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को राशि दी जा रही है।
सपा की पूर्व सरकार पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की छात्रवृत्ति व्यवस्था को लेकर पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2016-17 में एससी-एसटी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नहीं भेजी गई और 2017 में सरकार बनने के बाद उनकी सरकार ने 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ भेजी। योगी ने कहा कि पहले करीब 2,900 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति पर खर्च होते थे, जबकि अब यह राशि बढ़कर करीब 6,200 करोड़ रुपये हो गई है।
किसी भी छात्र को धनराशि के अभाव में अपनी स्कूली शिक्षा से वंचित न होना पड़े। हर छात्र को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले, इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
आज लखनऊ में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के… pic.twitter.com/yDcDqnlY5J
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 3, 2026
दो करोड़ युवाओं को टैबलेट, 50 हजार बेटियों को स्कूटी
योगी ने कहा कि सरकार दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की दिशा में काम कर रही है। करीब 60 लाख युवाओं को टैबलेट मिल चुका है। वहीं, उन्होंने घोषणा की कि अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिये जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवाओं को मिल रही मदद का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के संघर्ष का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रयास ईमानदारी से किया जाए तो उसका परिणाम भी मिलता है। कार्यक्रम में छात्र रणवीर वर्मा, मिली, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अनन्या अवस्थी, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, अभिषेक यादव, बुशरा, साइमा, अल कैफ को मंच पर सीएम योगी ने छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र दिया।






