योगी कैबिनेट की मंजूरी : लखनऊ में नौसेना के जहाजों पर सैर, पानी के बीच दिखेगा समुद्री शौर्य
नौसेना शौर्य संग्रहालय को मिलेगा विस्तार, 6.8 एकड़ में बनेगी वाटर बॉडी, बोटिंग और लाइट एंड साउंड शो का मिलेगा अनुभव, डिजिटल गैलरी में समझ सकेंगे नौसेना की ताकत, एलडीए संभालेगा पूरे परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी, विद्यार्थियों को रियायती दर पर मिलेगा प्रवेश, 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य

लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में भारतीय नौसेना के शौर्य और समुद्री विरासत को करीब से जानने के साथ मनोरंजन का भी मौका मिलेगा। नौसेना शौर्य संग्रहालय को विस्तार देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके तीसरे चरण के तहत 6.8 एकड़ जमीन पर वाटर बॉडी विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यहां नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग और लाइट एंड साउंड शो जैसे आकर्षण विकसित किए जाएंगे। संग्रहालय के पूरे परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपी जाएगी।
एक लाख रुपये की टोकन मनी पर मिलेगी जमीन
वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए 6.8 एकड़ संबंधित भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। इस हिस्से में बोटिंग की सुविधा के साथ जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनियां भी तैयार की जाएंगी। योजना का मकसद संग्रहालय को ऐसा पर्यटन केंद्र बनाना है, जहां लोग भारतीय नौसेना के इतिहास, तकनीक और सामरिक क्षमता को जानने के साथ परिवार के साथ घूमने का आनंद भी ले सकें।
डिजिटल गैलरी में दिखेगी समुद्री विरासत की कहानी
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भारतीय नौसेना के सहयोग से नौसेना शौर्य संग्रहालय विकसित कर रहा है। यहां डिजिटल गैलरी, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और सिमुलेशन के जरिए नौसेना की कार्यप्रणाली को समझने का मौका मिलेगा। संग्रहालय में नौसेना के उपकरणों, समुद्री इतिहास और देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़ी जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।

प्राचीन समुद्री व्यापार से आधुनिक नौसैनिक अभियानों तक
परियोजना के तहत प्रस्तावित क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर में भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। यहां प्राचीन समुद्री व्यापार से लेकर आधुनिक नौसैनिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक तक की यात्रा को प्रस्तुत करने की योजना है। केंद्र में समुद्री सुरक्षा के साथ आपदा राहत और बचाव अभियानों में भारतीय नौसेना की भूमिका की जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा एक्वेरियम विकसित करने की योजना है। इससे विद्यार्थियों और शोध में रुचि रखने वाले युवाओं को समुद्री जीवन और उससे जुड़ी तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।
जयवीर सिंह बोले, युवाओं में जिज्ञासा जगाए पर्यटन
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है, जो युवाओं को देश की राष्ट्रीय विरासत से जोड़ने के साथ उनमें जिज्ञासा भी पैदा करें। अनुभव आधारित और ज्ञान से जुड़े पर्यटन के जरिए विद्यार्थियों के लिए इतिहास, विज्ञान और तकनीक को रोचक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नौसेना शौर्य संग्रहालय के विस्तार से परिवारों को लखनऊ में घूमने का नया विकल्प मिलेगा। इससे पर्यटन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मई में खुली थी नौसेना शौर्य वाटिका
परियोजना के पहले चरण में विकसित नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन 30 मई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। यहां भारतीय नौसेना की ओर से उपलब्ध कराए गए युद्धपोतों और पनडुब्बियों के हिस्से, नौसैनिक तोपें, लंगर और प्रोपेलर प्रदर्शित किए गए हैं। इनके जरिए समुद्र से दूर स्थित लखनऊ में भी पर्यटक भारतीय नौसेना के उपकरणों और उसकी सामरिक क्षमता की झलक देख सकते हैं।
69.10 करोड़ रुपये की परियोजना, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
नौसेना शौर्य संग्रहालय भवन, नौसेना शौर्य वाटिका और क्यूरेशन से जुड़े कार्यों के लिए अब तक करीब 69.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। वर्ष 2025 में शुरू हुई इस तीन चरणों वाली परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। संग्रहालय में प्रवेश के लिए टिकट व्यवस्था होगी। विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों को रियायती दरों पर प्रवेश दिया जाएगा। इससे स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बच्चे यहां इतिहास, विज्ञान, तकनीक और राष्ट्रीय सेवा से जुड़े विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।
सुरक्षा से टिकटिंग तक एलडीए संभालेगा व्यवस्था
नौसेना शौर्य वाटिका के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए के पास रहेगी। क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर और वाटर बॉडी का निर्माण पूरा होने के बाद इनका संचालन भी इसी व्यवस्था के तहत किया जाएगा। इससे पूरे परिसर की सुरक्षा, टिकटिंग, रखरखाव और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का प्रबंधन एक ही एजेंसी करेगी।






