UP के स्कूलों में बदलाव की तैयारी : जनभागीदारी, नशामुक्त माहौल और समावेशी शिक्षा पर मंथन
22 अक्टूबर को लखनऊ में राज्यस्तरीय कार्यशाला, विद्यांजलि पोर्टल से लेकर प्रशस्त 2.0 एप तक की होगी समीक्षा, विशेष जरूरत वाले बच्चों की शिक्षा और स्कूलों के विकास पर रहेगा फोकस

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026:
यूपी में विद्यालयी शिक्षा को अधिक प्रभावी, समावेशी और सहभागितापूर्ण बनाने की दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। स्कूलों में जनभागीदारी बढ़ाने, विद्यार्थियों को नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुरूप शिक्षा दिलाने से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए 22 अक्टूबर को लखनऊ में राज्यस्तरीय अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें विद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय और प्रशस्त 2.0 कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा के साथ इनके प्रभावी संचालन की रणनीति तैयार करने पर जोर रहेगा।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों को ऐसा शिक्षण परिवेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है जहां विद्यार्थियों को सीखने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। इसके साथ स्कूलों के विकास में समाज और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, नशामुक्त वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समावेशी शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को गति देने के उपायों पर विचार किया जाएगा।
विद्यांजलि से स्कूलों के विकास में बढ़ेगी जनभागीदारी
कार्यशाला में विद्यांजलि पोर्टल पर विद्यालयों के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मॉड्यूल और सीएसआर संगठनों की सहभागिता का आकलन होगा। ‘एडॉप्ट ए स्कूल’ मॉड्यूल के जरिए विद्यालयों के विकास में विभिन्न हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर भी मंथन किया जाएगा। राज्य और जनपद स्तर पर विभागीय सहयोग की जरूरतों तथा आगे की कार्रवाई के बिंदुओं को स्पष्ट करने पर विशेष ध्यान रहेगा।
नशामुक्त विद्यालयों की प्रगति पर नजर
विद्यालयों में नशामुक्त वातावरण तैयार करने की पहल के तहत संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण, स्व-घोषणा और स्व-मूल्यांकन की स्थिति की पड़ताल होगी। कार्यक्रम के पोर्टल की प्रमुख सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी देने के साथ इसके क्रियान्वयन में आने वाली जरूरतों पर भी चर्चा की जाएगी। इसका मकसद स्कूलों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस दिशा में संचालित गतिविधियों को प्रभावी बनाना है।
प्रशस्त 2.0 से समावेशी शिक्षा को मिलेगी दिशा
कार्यशाला में प्रशस्त 2.0 एप का प्रदर्शन किया जाएगा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशी शिक्षा से जुड़ी जनपदवार गतिविधियों, शिक्षकों के पोर्टल से जुड़ने और ट्यूटोरियल में सहभागिता की स्थिति की समीक्षा होगी। ट्यूटोरियल पूरा करने की प्रगति भी देखी जाएगी, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा से संबंधित गतिविधियों की स्थिति समझकर आवश्यक सहयोग के बिंदु तय किए जा सकें।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा मोनिका रानी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को निर्धारित सूचनाओं के साथ कार्यशाला में शामिल होने को कहा गया है। बैठक में राज्य और जनपद स्तर की चुनौतियों, अपेक्षित सहयोग तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श होगा। विभागीय समन्वय के जरिए इन पहलों को व्यवस्थित दिशा देने और विद्यालयों में इनके प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने पर जोर रहेगा।






