UP MLC Election : लखनऊ मंडल में कल स्कूल-कॉलेज बंद, मतदान के लिए मिलेगी वेतन के सात छुट्टी
लखनऊ में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 1.16 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान, 121 मतदान केंद्रों पर बनाए गए 259 बूथ, वोटिंग के लिए 1030 कर्मचारियों की ड्यूटी

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026:
यूपी विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर लखनऊ मंडल में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान के मद्देनजर शुक्रवार को लखनऊ मंडल के संबंधित जनपदों में नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों के साथ महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेष अवकाश घोषित किया गया है। इसमें प्राइमरी, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य बोर्डों के मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालय भी शामिल हैं।
लखनऊ के मंडलायुक्त एवं चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर विजय विश्वास पंत ने निजी और अर्धशासकीय क्षेत्र के उन कर्मचारियों को भी मतदान के लिए सवेतन अवकाश देने के निर्देश दिए हैं जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में वैध मतदाता हैं। ऐसे कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं की जा सकेगी। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले नियोजकों के खिलाफ संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।

121 मतदान केंद्रों पर 259 बूथ, 1030 कर्मचारियों की ड्यूटी
एमएलसी चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए लखनऊ में प्रशासन ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। मतदान के लिए 121 मतदान केंद्रों पर 259 बूथ बनाए गए हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र को नौ जोन और 45 सेक्टर में बांटा गया है।
गुरुवार को पोलिंग पार्टियां अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गईं। मतदान प्रक्रिया और चुनाव सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए 134 वाहनों की व्यवस्था की गई है। इनमें 72 भारी और 62 हल्के वाहन शामिल हैं। चुनाव संपन्न कराने के लिए 1030 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
लखनऊ में 1.16 लाख से ज्यादा वोटर करेंगे मतदान
प्रशासन के छह अक्टूबर के आंकड़ों के मुताबिक स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,16,491 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 96,070 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 20,421 मतदाता शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 138, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 121 बूथ बनाए गए हैं। प्रशासन का जोर मतदान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, पोलिंग पार्टियों की आवाजाही और चुनाव सामग्री की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर है।






