Shiva Sharma Case : मॉडल श्रद्धा दुबे को कोर्ट का झटका, बहन व ड्राइवर की भी जमानत खारिज
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद तीनों से साढ़े छह घंटे हुई थी पूछताछ, जेल में श्रद्धा और रश्मि को महिला बंदियों से अलग क्वारंटाइन बैरक में रखा गया

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को अदालत से राहत नहीं मिली है। प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और मामले का ट्रायल सत्र न्यायालय में होना है। ऐसे में जमानत देने का कोई उचित आधार नहीं बनता। श्रद्धा की ओर से उसके अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद लखनऊ लाई गई थी आरोपी
कारोबारी की मौत के मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को पुलिस ने मंगलवार दोपहर महाराष्ट्र के नागपुर के बेतलारोड़ी इलाके में स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। गुरुवार सुबह करीब पौने 10 बजे पुलिस टीम तीनों को लेकर हजरतगंज कोतवाली पहुंची। इसके बाद उन्हें पुलिस उपायुक्त मध्य अर्पित विजयवर्गीय के सर्विलांस कार्यालय में रखा गया, जहां करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई।
मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेशी
पूछताछ के बाद गुरुवार देर शाम कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों का सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें प्रभारी सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बाद में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत ने अपराध की गंभीरता और मामले के सत्र न्यायालय में विचारणीय होने का हवाला देते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
जेल में दाखिले के दौरान श्रद्धा ने जताया ऐतराज
श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे जिला जेल में दाखिल कराया गया। जेल के मुख्य गेट पर कर्मचारियों ने तीनों के नाम गेट बुक में दर्ज किए। इसके बाद दूसरे गेट पर जेल अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान श्रद्धा ने ऐतराज जताया, लेकिन अधिकारियों ने प्रक्रिया पूरी कराई। महिला जेलकर्मियों ने श्रद्धा और रश्मि की तलाशी ली।
महिला बैरक में श्रद्धा और रश्मि, पुरुष बैरक में ड्राइवर
तलाशी के बाद जेल के डॉक्टरों और फार्मासिस्ट ने तीनों का मेडिकल परीक्षण किया। जेल रिकॉर्ड में उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक ब्योरे के साथ शरीर पर मौजूद पहचान चिह्न दर्ज किए गए। दाखिले से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद श्रद्धा और रश्मि को महिला बैरक के क्वारंटाइन बैरक में दूसरी महिला बंदियों से अलग रखा गया। वहीं ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को पुरुष बैरक में बंद किया गया।
नौ अक्टूबर की रात चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी शिवा की मौत
लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरने के बाद नौ अक्टूबर की रात चिकन कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शिवा अलीगंज के कपूरथला इलाके में रहते थे। उनकी मां रंजना ने आरोप लगाया था कि मॉडल श्रद्धा उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने श्रद्धा पर सिगरेट से जलाने और माफिया समेत कई नामचीन लोगों से धमकी दिलवाने के आरोप भी लगाए थे।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा
परिजनों के मुताबिक, शिवा करीब एक साल से मॉडल श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। बेटे की मौत के बाद मां रंजना की शिकायत पर हजरतगंज कोतवाली में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद श्रद्धा और उसकी बहन समेत अन्य आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने बाद में श्रद्धा, रश्मि और ड्राइवर को नागपुर से गिरफ्तार किया।






