युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने की तैयारी, मुख्य सचिव बोले- नर्सिंग शिक्षा के मानकों का कड़ाई से हो पालन
उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता पर हुई चर्चा, अस्पतालों को उनकी के अनुसार प्रशिक्षित व विशेषज्ञ मेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर दिया जोर

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 23 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड के प्रशिक्षित युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वित्तीय वर्ष 2027-28 में प्रदेश के 500 युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए पश्चिम एशिया, पश्चिमी यूरोप, एस्टोनिया और खाड़ी देशों में रोजगार की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के संबंध में गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों पर चर्चा की।
विदेश में नौकरी के लिए युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए निर्धारित शैक्षणिक, आधारभूत और अन्य मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं का लाभ उठाया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित देशों में मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ की मांग, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भाषा दक्षता, प्रशिक्षण और पात्रता की शर्तों का अध्ययन करने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण व कौशल विकास की व्यवस्था विकसित की जाए।
नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ का बनेगा डाटा बैंक
प्रदेश के अस्पतालों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ का व्यवस्थित डाटा बैंक तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें बड़े मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या, शैक्षणिक योग्यता, विशेषज्ञता और कौशल से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी। इसके आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर मेडिकल मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को उनकी जरूरत के अनुरूप दक्ष, प्रशिक्षित और विशेषज्ञ मेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से अस्पतालों की आवश्यकताओं का आकलन कर नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और कौशल में सुधार के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
73 आवेदनों की जांच के बाद पांच को मिली मंजूरी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए प्रारंभिक चरण में कुल 73 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद इनमें से छह आवेदन उच्च अधिकार प्राप्त समिति के समक्ष विचार के लिए योग्य पाए गए। समिति ने छह आवेदनों में से पांच को नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए योग्य माना, जबकि एक आवेदन को आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
निजी अस्पतालों में मानकों का पालन जरूरी
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को निजी अस्पतालों में प्रति बेड निर्धारित मानकों के अनुरूप नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय की तैनाती सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक मानव संसाधन से जुड़े मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार हो सके। बैठक में सचिव विनय शंकर, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंड, रोहित मीणा, नवनीत पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






