CHO Protest : 28 दिन से प्रदर्शन, सरकार की चुप्पी पर उबाल! लखनऊ में आर-पार की लड़ाई
ईको गार्डन में अलग कैडर, नियमितीकरण और वेतन विसंगति दूर करने की मांग पर अड़े स्वास्थ्य अधिकारी, हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड पे, DA-HRA और PBI मर्जर की मांग, लिखित आश्वासन तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026:
यूपी में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहा धरना-प्रदर्शन रविवार को 28वें दिन भी जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे CHO संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य अधिकारियों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। प्रदर्शनकारियों के नारों से ईको गार्डन गूंज रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इतने दिनों बाद भी शासन स्तर पर उनकी मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी, फिर भी हक के लिए संघर्ष
आंदोलनरत CHO का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए वे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों (NCD) की रोकथाम, टेली-कंसल्टेशन, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके बावजूद अपनी सेवा शर्तों, वेतन और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर उन्हें लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक लंबे समय से धरना जारी रहने के बाद भी सार्थक वार्ता नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
पृथक कैडर से लेकर 4600 ग्रेड पे तक की मांग
CHO की प्रमुख मांगों में पृथक कैडर का गठन और नियमितीकरण शामिल है। आंदोलनकारियों ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और NHM के पूर्व पत्राचारों का हवाला देते हुए प्रमुख सचिव स्तर से इस संबंध में लिखित आदेश जारी करने की मांग उठाई है।
इसके अलावा वेतन में लगभग 5,000 रुपये की विसंगति दूर करने, परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (PBI) को मूल वेतन में मर्ज करने और आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समान वेतन लागू करने की मांग की जा रही है। CHO हरियाणा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी 4600 ग्रेड पे, महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) जैसी सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं।

लिखित निर्णय तक पीछे हटने को तैयार नहीं
CHO संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर समयबद्ध वार्ता कर लिखित और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सरकार के सामने CHO की नाराजगी दूर करने और गतिरोध समाप्त करने की चुनौती है। प्रदर्शनकारियों की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।






