
लखनऊ, 22 सितंबर 2026:
UP Assembly Elections 2027 की सियासी तैयारियों के बीच राज्यसभा चुनाव का बिगुल भी बज गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने यूपी की 10 समेत उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। सभी सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होगा और इसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी।
यूपी की 10 सीटों में आठ फिलहाल भाजपा के पास थीं। एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास थी। इन सीटों पर होने वाला चुनाव अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विधानसभा के मौजूदा संख्या बल की भी परीक्षा होगा। मौजूदा समीकरणों के आधार पर भाजपा गठबंधन के लिए आठ सीटों पर दावा मजबूत बताया जा रहा है। सपा के हिस्से में दो सीटें आने की संभावना पर राजनीतिक चर्चा है। हालांकि अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नामांकन और दलों की रणनीति के बाद स्पष्ट होगी।

इस चुनाव में भाजपा के हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, पूर्व डीजीपी बृजलाल, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। वहीं सपा के रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी इसी तारीख को समाप्त होगा। इसके अलावा दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के बाद रिक्त है। शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
यूपी की राजनीति में सबसे ज्यादा नजर बसपा की सीट पर रहेगी। विधानसभा में बसपा के पास फिलहाल कोई विधायक नहीं है। ऐसे में पार्टी के लिए अपनी राज्यसभा सीट बरकरार रखना मुश्किल होगा। 2020 के चुनाव में भाजपा ने 10 में से आठ उम्मीदवार उतारे थे, जिससे रामजी गौतम के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता बना था। इस बार विधानसभा का गणित अलग है। इसलिए बसपा के राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर उम्मीद न के बराबर है।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना होगी।
उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर भाजपा के नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा। इस तरह एक ही दिन होने वाला यह चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर भी राज्यसभा के मौजूदा समीकरणों में बदलाव ला सकता है।






