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Deepotsav : अयोध्या में उत्सव से चमकी कुम्हारों की किस्मत, अब गांव में लाखों की कमाई

एक से दो लाख दीयों के मिल रहे ऑर्डर, इलेक्ट्रिक चाक से बढ़ा उत्पादन, 7 नवंबर को राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य

लखनऊ/अयोध्या, 26 अक्टूबर 2026:

रामनगरी अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ आस्था और परंपरा का पर्व नहीं अपितु स्थानीय कारीगरों की तकदीर बदलने का माध्यम भी बन रहा है। मिट्टी के दीयों की बढ़ती मांग ने कुम्हार परिवारों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोले हैं। कभी रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करने वाले युवा अब अपने गांव में ही पारंपरिक हुनर के दम पर भविष्य संवार रहे हैं। दीपोत्सव की भव्यता के साथ कुम्हारों के घरों में भी खुशहाली के दीप जलने लगे हैं।

एक लाख से दो लाख दीयों तक के ऑर्डर, लाखों में कमाई

अयोध्या के जयसिंहपुर गांव में दीपोत्सव की तैयारियां कुम्हार परिवारों के लिए कमाई का बड़ा अवसर लेकर आई हैं। गांव के बृज किशोर प्रजापति बताते हैं कि दीपोत्सव शुरू होने के बाद से उनका पूरा परिवार दीये बनाने के काम में जुटा है। इस बार उन्हें एक लाख दीये तैयार करने का ऑर्डर मिला। इसे समय से पूरा कर पहुंचा दिया गया।

गांव के ही राजेश प्रजापति को दो लाख दीये बनाने का ऑर्डर मिला है। उनके परिवार के सभी सदस्य मिलकर इस काम को पूरा करते हैं। राजेश के मुताबिक पहले पूरे महीने में मुश्किल से 20 से 25 हजार रुपये की कमाई हो पाती थी लेकिन अब दीपोत्सव के दौरान ही लाखों रुपये की आमदनी का अवसर मिलता है। बड़े ऑर्डर मिलने से परिवारों को गांव में ही काम मिल रहा है। युवाओं का पारंपरिक पेशे के प्रति भरोसा बढ़ रहा है।

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इलेक्ट्रिक चाक ने बढ़ाई रफ्तार, आसान हुआ काम

कुम्हार परिवारों को इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराए जाने से दीये बनाने के काम में तेजी आई है। आधुनिक उपकरणों और पारंपरिक हुनर के मेल से उत्पादन क्षमता बढ़ी और दीयों की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। जयसिंहपुर, विद्याकुण्ड और सोहावल के ड्योढ़ी समेत कई इलाकों में कारीगर दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। कहीं मिट्टी गूंथी जा रही है तो कहीं दीये बनाकर उन्हें सुखाया जा रहा है। दीपोत्सव के दौरान मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता दिए जाने से स्थानीय कारीगरों को बड़े ऑर्डर मिलने के अवसर बढ़े हैं। इससे पारंपरिक कला को प्रोत्साहन मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल रहा है।

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राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप जलाने की तैयारी

दीपोत्सव के दसवें संस्करण के लिए 7 नवंबर को राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक क्वीन हो मेमोरियल पार्क में 17.64 लाख दीये घाट स्थित गोदाम में रखे गए हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए अवध विश्वविद्यालय के छात्र, अधिकारी और स्वयंसेवी संगठन जुटे हैं। व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को लगाया गया है।
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दीपोत्सव की यह तैयारी अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ स्थानीय कारीगरों को भी नई संभावनाएं दे रही है। मिट्टी के दीयों की बढ़ती मांग, बड़े ऑर्डर और आधुनिक तकनीक ने कुम्हार परिवारों के हुनर को बाजार से जोड़ा है। अब दीपोत्सव की चमक रामनगरी के घाटों से आगे बढ़कर मेहनत से मिट्टी के दीये गढ़ने वाले घरों तक भी पहुंच रही है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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