फर्जी दस्तावेजों से MBBS में दाखिले का मामला : SIT की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपियों को दबोचा
अब तक आठ लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी, 13 सितंबर 2026 को दो थानों में दर्ज हुए थे अलग-अलग मुकदमे, दस्तावेज संदिग्ध व फर्जी पाए जाने पर शुरू हुई थी जांच, टीम सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर बढ़ा रही आगे कदम
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 28 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में प्रवेश दिलाने से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार, जगपाल सिंह और रामपाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेनटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने SIT गठित की। जांच के दौरान टीम ने संबंधित शैक्षणिक संस्थानों से दस्तावेज जुटाए और अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पतों की जांच की।
25 से 30 लाख रुपये देने का दावा
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्रियों को MBBS में प्रवेश दिलाने के लिए पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि इसके लिए आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज कथित रूप से कूटरचित तरीके से तैयार करवाए गए। प्रवीण कुमार ने इन दस्तावेजों को बनवाने के एवज में रूपेश पंडित को 25 लाख रुपये, जबकि जगपाल सिंह ने 30 लाख रुपये देने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर एक बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि दूसरी को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया गया।
हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिले का मामला
पुलिस के अनुसार तीसरे आरोपी रामपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी तृप्ति के MBBS में दाखिले के लिए कथित रूप से फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का दाखिला हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में कराया गया।
तीनों आरोपी यूपी व हरिद्वार के निवासी
गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण कुमार निवासी बड़कता, थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर (यूपी), जगपाल सिंह निवासी केशव नगर, लक्सर, जिला हरिद्वार और रामपाल सिंह निवासी मोहल्ला चौहाना, कीरतपुर, जिला बिजनौर (यूपी) शामिल हैं। SIT मामले से जुड़े दस्तावेजों, अन्य व्यक्तियों की भूमिका और कथित फर्जीवाड़े के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






