Uttarakhand

उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर चुनाव : पूरा संगठन मंथन में जुटा, तीन नामों पर अटकलें तेज

प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में 24 नाम आए सामने, सीएम धामी, प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन तैयार करेंगे पैनल, पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत व प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल की दावेदारी मजबूत

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 26 सितंबर 2026ः

उत्तराखंड की राज्यसभा की एक खाली होने वाली सीट को लेकर पूरा संगठन मंथन में जुट गया है। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में संभावित दावेदारों के नामों पर लंबी चर्चा हुई। करीब दो दर्जन नाम चर्चा में आए, जिनमें महिला, युवा और अनुसूचित जाति-जनजाति समेत विभिन्न वर्गों से जुड़े दावेदार शामिल हैं। बैठक में तय किया गया कि इनमें से तीन या पांच नामों का पैनल सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा तैयार कर भेजेंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत व प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल की दावेदारी को मजबूत बताया जा रहा है। इनके नामों को लेकर अटकलें तेज हैं।

पैनल का अंतिम फैसला तीन नेताओं के हाथ में

प्रदेश कार्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक में सीएम धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कोर कमेटी के सदस्यों ने नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा का अभिनंदन किया। इसके बाद राज्यसभा सीट, आगामी विधानसभा चुनाव और संगठनात्मक अभियानों को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने बताया कि राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने के चलते रिक्त होने वाली सीट के लिए सामने आए प्रमुख नामों पर कोर कमेटी ने विचार-विमर्श किया। करीब दो दर्जन नाम चर्चा में आए हैं। इनमें विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक वर्गों से जुड़े दावेदार शामिल हैं। अब निगाहें धामी, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री संगठन पर टिकी हैं। यही तीनों नेता चर्चा के बाद तीन या पांच नामों का पैनल अंतिम रूप से तैयार करेंगे।

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अनिल गोयल हैं व्यवसायी, वैश्य समाज में पकड़ मजबूत

राज्यसभा की खाली होने वाली सीट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का नाम काफी चर्चा में है। निशंक पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं और बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। ये प्रदेश अध्यक्ष के भी दावेदार हैं। वहीं, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का भी नाम भी दावेदारों की सूची में शामिल है। रावत वर्ष 2000 में नवगठित उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री बने थे। इसके बाद 2007 में उत्तराखंड में बीजेपी के प्रदेश महामंत्री बनाए गए थे। इसके अलावा वैश्य समुदाय से अनिल गोयल की भी दावेदारी है। अनिल गोयल व्यवसायी हैं, वैश्य समाज में इनकी पकड़ मजबूत है। वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले महामंत्री और प्रवक्ता रह चुके हैं। कांग्रेस सरकार के समय जब-जब राज्यसभा के चुनाव हुए हैं, भाजपा ने अनिल गोयल को मैदान में उतारा है।

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी पर भी फोकस

बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी मंथन हुआ। पार्टी ने बूथों को मजबूत करने, शक्ति केंद्र आधारित योजना को प्रभावी बनाने और पन्ना प्रमुखों को अधिक सक्रिय करने की कार्ययोजना पर जोर दिया। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए भी संगठनात्मक स्तर पर रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। कोर कमेटी ने राज्यभर में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ की प्रगति की भी समीक्षा की। अब तक हुए कार्यक्रमों की जानकारी लेने के साथ शेष कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार और तरुण बंसल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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