
लखनऊ, 26 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में करीब 45 घंटे से जारी बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश और मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच अब आकस्मिक बाढ़ और आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों के डीएम को विशेष सतर्कता बरतने और खुद फील्ड में जाकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से होने वाली क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
जर्जर मकानों और झोपड़ियों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने जर्जर मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है। जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को तत्काल निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाएगा। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश हैं कि भारी बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में किसी की जान जोखिम में न पड़े।
राहत आयुक्त ने जिलों की तैयारियां परखी
इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर हालात और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों को पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा स्थानीय संचार माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने को कहा गया है।

कल तक मौसम बिगड़ा रहने के आसार
मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रह सकता है। पूर्वी यूपी में 27 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी यूपी में भी 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
रेड अलर्ट में प्रदेश के 11 जिले
लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट के चलते विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लखनऊ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन को सक्रिय रखा गया है।
बाढ़ वाले इलाकों में राहत एजेंसियां तैयार
आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, अयोध्या, सुल्तानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, हरदोई, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी, चित्रकूट समेत कई जिलों के वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका है। ऐसे इलाकों में राहत और बचाव एजेंसियों को जरूरत के मुताबिक तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से बचें। नदियों और जलाशयों में स्नान न करें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।






