Nightclub and bar में शराब परोसने का खेल : गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी सस्पेंड
UP सरकार का बड़ा एक्शन, बिना लाइसेंस परोसी जा रही थी शराब, जांच में दूसरे राज्यों की शराब की अवैध बिक्री का भी खुलासा, उप आबकारी आयुक्त मेरठ करेंगे विभागीय जांच

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026:
यूपी में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। प्रदेश के NCR क्षेत्र में गाजियाबाद के नाइट क्लबों, बार और रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस शराब परोसने और दूसरे राज्यों की मदिरा की अवैध बिक्री का मामला सामने आने के बाद जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि आबकारी नियमों की अनदेखी और विभागीय लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर संजय कुमार के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उन्हें प्रयागराज से संबद्ध किया गया है। पूरे मामले की विभागीय जांच के लिए उप आबकारी आयुक्त, मेरठ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। शासन ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
औचक निरीक्षण में खुली नियमों की पोल
गाजियाबाद के नाइट क्लबों, बार और रेस्टोरेंट में अवैध रूप से शराब परोसे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एडीएम सिटी की अध्यक्षता में संयुक्त प्रशासनिक टीम गठित की गई। टीम में नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर शामिल थे। औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में बिना ओकेजनल बार लाइसेंस शराब परोसने के साथ ही दूसरे राज्यों में बिक्री के लिए अनुमन्य मदिरा की अवैध बिक्री का भी खुलासा हुआ। इन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को प्रथमदृष्टया जिम्मेदार माना गया। इसके बाद शासन ने निलंबन के साथ विभागीय जांच की कार्रवाई शुरू कर दी।






