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राष्ट्रीय एकता दिवस आज : जानिए इस विशेष दिन का महत्व और इतिहास

राष्ट्रीय एकता दिवस पर विशेष, भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है यह दिवस, लौह पुरुष के उल्लेखनीय योगदान को किया जाता है याद, पहली बार 2014 में हुई शुरुआत

न्यूज डेस्क, 30 अक्टूबर 2026ः

हर साल 31 अक्टूबर का दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह विशेष दिन भारत के पहले गृह मंत्री और ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन भारत में राष्ट्रीय और राजनीतिक एकीकरण व एकता को बढ़ावा देने में पटेल की अहम भूमिका को याद दिलाता है और नागरिकों को विविधता में एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संकल्प लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

मोदी ने 2015 में इसी दिन की थी ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल की घोषणा

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। इस दिन का सबसे पहले आयोजन केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने के लिए 2014 में किया गया था। इसके बाद 31 अक्टूबर 2015 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच सुसंगठित संपर्क स्थापित करने व उनके बीच आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाने के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल की घोषणा की।

रन फॉर यूनिटी का आयोजन, उत्साह के साथ लोग लेते हैं भाग

इस अवसर पर देश भर में ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता दौड़) का आयोजन किया जाता है। इसमें लोग उत्साह के साथ दौड़ते हैं। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और संस्थानों में देश की एकता व सुरक्षा की रक्षा करने की शपथ ली जाती है। गुजरात के एकता नगर (केवडिया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा) पर हर साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस का भव्य आयोजन किया जाता है। इसमें पीएम मोदी भी शामिल होते हैं। इस साल भी भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना है।

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आजादी के बाद 560 रियासतों को भारत में मिलाया था

भारत के पहले उप प्रधानमंत्री व गृह मंत्री सरदार पटेल ने 1947 में स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय एकीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें 560 से अधिक रियासतों को भारत में शामिल करने का कार्य सौंपा गया था, जो भारत के क्षेत्रफल और जनसंख्या का लगभग 40 प्रतिशत थीं। भारत सरकार की ओर से रियासतों के शासकों को यह विकल्प दिया गया था कि वे भारत या पाकिस्तान में से किसी एक में शामिल हो जाएं।

पटेल ने विभाजन को रोकने के लिए किए थे प्रयास

सरदार पटेल ने विभाजन को रोकने के लिए कूटनीतिक वार्ता, समझा-बुझाकर और जहां जरूरी हुआ कड़े प्रशासनिक उपायों का सहारा लिया। अपने नेतृत्व वाले राज्य विभाग के माध्यम से सरदार पटेल ने 15 अगस्त 1947 तक या उसके तुरंत बाद इन राज्यों को सफलतापूर्वक मिला लिया, जिससे आधुनिक भारत की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित हुई। उनके प्रयासों ने संभावित विखंडन को टाल दिया और एक एकीकृत लोकतांत्रिक गणराज्य की नींव रखी। सरदार पटेल के इन्हीं कार्यों को याद करने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।

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राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ

मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूं।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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