विकसित भारत-2047 के लिए यूपी का ऊर्जा रोडमैप तैयार, स्वच्छ और सस्ती बिजली पर जोर
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने ओआरएफ की बैठक में लिया हिस्सा, सौर ऊर्जा के विस्तार, आधुनिक बिजली ग्रिड और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर दिया जोर
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026:
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यूपी सरकार स्वच्छ, सतत और किफायती ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने और विद्युत वितरण व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से आयोजित ‘पॉवरिंग विकसित भारत-2047: सबनेशनल पाथवे फॉर इंडिया एनर्जी ट्रांजीशन’ विषयक बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
बैठक में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसमें ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए राज्यों की भूमिका और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतियां तैयार करने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए ऐसी ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना जरूरी है जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही आम नागरिकों को किफायती दरों पर निर्बाध और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध करा सके।
उन्होंने कहा कि भविष्य में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना, आधुनिक तकनीक अपनाना और विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाना आवश्यक है। स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा स्रोतों का विस्तार प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ दीर्घकालिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
निवेश और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर
मंत्री ने कहा कि ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देकर उत्तर प्रदेश में सक्षम एवं आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था विकसित की जा सकती है। ऊर्जा संक्रमण को प्रभावी बनाने के लिए राज्यों के बीच समन्वय, सफल प्रयोगों से सीखने और अनुभवों के आदान-प्रदान की जरूरत है। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां बनाने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ, सतत और किफायती ऊर्जा व्यवस्था के विकास के जरिए विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प में प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।






