UP में धान खरीद : योगी सरकार ने 4 साल में सपा के 5 साल को पीछे छोड़ा, 22.62 लाख ज्यादा किसानों को लाभ
धान खरीद के आंकड़ों में योगी सरकार का दावा, 4 साल में 37.49 लाख किसानों को लाभ, सपा के 5 साल से 2.52 गुना ज्यादा, वर्ष 2025-26 में 10.53 लाख काश्तकारों से हुई खरीद
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026:
यूपी में धान खरीद के आंकड़ों के आधार पर योगी सरकार ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के मुकाबले अधिक किसानों तक सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ पहुंचाने का दावा किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक योगी सरकार के चार वर्षों में 37,49,219 किसान धान खरीद से लाभान्वित हुए जबकि सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 14,87,519 किसानों को इसका लाभ मिला था। इस तरह चार साल में योगी सरकार के कार्यकाल में करीब 22.62 लाख अधिक किसान लाभान्वित हुए।
पांच साल के मुकाबले चार साल में 2.52 गुना लाभार्थी
धान खरीद से लाभान्वित किसानों की संख्या के लिहाज से योगी सरकार के चार वर्षों का आंकड़ा सपा सरकार के पांच वर्षों के आंकड़े से करीब 2.52 गुना है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार योगी सरकार के कार्यकाल में लगभग 152 प्रतिशत अधिक किसानों को धान खरीद का लाभ मिला। यह अंतर सरकारी खरीद व्यवस्था के दायरे और किसानों तक उसकी पहुंच को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कृषि प्रधान उत्तर प्रदेश में धान खरीद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी व्यवस्था उपलब्ध कराने का अहम माध्यम है। इसके जरिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान बेचने का अवसर मिलता है। ऐसे में खरीद प्रक्रिया में अधिक किसानों की भागीदारी को व्यवस्था की पहुंच के एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जाता है।
2025-26 में 10.53 लाख से अधिक किसानों को लाभ
वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022-23 में 10,95,197 किसान धान खरीद से लाभान्वित हुए। वर्ष 2023-24 में यह संख्या घटकर 8,01,730 और 2024-25 में 7,98,731 रह गई। वहीं, वर्ष 2025-26 में 10,53,561 किसानों को धान खरीद का लाभ मिला। इन आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में लाभान्वित किसानों की संख्या पिछले दो वर्षों की तुलना में बढ़ी। हालांकि, यह संख्या 2022-23 के 10.95 लाख किसानों के आंकड़े से कम रही।
खरीद प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाने पर जोर
खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों के मुताबिक धान खरीद व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का जोर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ खरीद प्रक्रिया को सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर है। पात्र किसानों तक सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता बताई गई है।






