दिवाली पर यूपी की 7,500 गोशालाएं होंगी रोशन, ‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान से जुड़ेंगे युवा
योगी सरकार की पहल से गोवंश संरक्षण को मिलेगी जनभागीदारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं लगाएंगी गो आधारित उत्पादों के स्टॉल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वावलंबन को बढ़ावा देने पर जोर
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026:
यूपी में इस बार दीपावली पर गोवंश संरक्षण और ग्रामीण स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है। योगी सरकार के ‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश के 7,500 से अधिक गो संरक्षण केंद्रों को दीपावली पर रोशन करने की योजना है। इस दौरान निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में दीपोत्सव के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, गो आधारित उत्पादों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए आय के नए अवसर विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
पहल का उद्देश्य दीपावली के उत्सव को गोवंश संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़ना है। इसके तहत आमजन को निराश्रित गोवंश के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ युवाओं को गो संरक्षण का संकल्प दिलाने की योजना है।
गोशालाओं में ग्रामीणों के साथ मनेगी दीपावली
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि अभियान के तहत गोशालाओं और निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा जिससे त्योहार की खुशियों के साथ गोवंश संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचे।
सरकार का प्रयास है कि गोशालाएं केवल निराश्रित गोवंश के आश्रय स्थल तक सीमित न रहें अपितु ग्रामीण समुदाय की सहभागिता और जागरूकता के केंद्र के रूप में भी विकसित हों। इसके लिए महिलाओं और युवाओं को गोवंश संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
गो आधारित उत्पादों के लगेंगे स्टॉल, महिलाओं को मिलेगा लाभ
अभियान में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भूमिका भी अहम होगी। उनके द्वारा तैयार गो आधारित उत्पादों और उनसे निर्मित वस्तुओं के स्टॉल लगाए जाएंगे। इन उत्पादों की बिक्री के माध्यम से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी का अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। दीपावली के अवसर पर गो आधारित उत्पादों से आकर्षक उपहार तैयार करने की भी योजना है। इससे त्योहार के दौरान इनकी खरीदारी और उपयोग को प्रोत्साहन मिल सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों के निर्माण और बिक्री की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गो संरक्षण के साथ स्वावलंबन का संदेश
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गो आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण महिलाओं को अपनी मेहनत और हुनर के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा। त्योहार के दौरान इन उत्पादों की मांग बढ़ने से स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
इस पहल के जरिए महिलाओं और युवाओं को गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ गो आधारित उत्पादों की उपयोगिता बताई जाएगी। ‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान के माध्यम से दीपोत्सव की खुशियों को संरक्षण, जनभागीदारी और ग्रामीण स्वावलंबन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।






