दिवाली-छठ पर UP में दौड़ेंगी अतिरिक्त बसें, दिल्ली से पूर्वांचल के लिए बढ़ेंगी सेवाएं
6 से 17 नवंबर तक रोडवेज का विशेष बस संचालन, 11 दिन ड्यूटी करने पर चालक-परिचालकों को मिलेंगे 4,400 रुपये, यात्रियों की मांग पर 60 फीसदी से अधिक लोड होने पर बढ़ेंगी बसें

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026:
दीपावली और छठ पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों को बसों की किल्लत से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) विशेष तैयारी कर रहा है। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए छह से 17 नवंबर तक अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। खासतौर पर दिल्ली, गाजियाबाद और दूसरे महानगरों से पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों के लिए बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को यात्रियों की मांग के अनुसार पर्याप्त बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
छठ पर्व पर पूर्वांचल के बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों से अपने घर लौटते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली से गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ और कानपुर के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़ और इटावा के लिए भी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पूर्वांचल से दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी क्षेत्रों की ओर यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर वहां से भी अतिरिक्त सेवाएं शुरू होंगी। 60 प्रतिशत से अधिक यात्री मिलने पर अतिरिक्त बसें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी बसें सड़क पर उतारने की तैयारी
परिवहन मंत्री ने प्रोत्साहन अवधि में निगम की सभी बसों का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए बसों की मरम्मत, कलपुर्जों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता पहले से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अनफिट बसों को किसी भी स्थिति में सड़क पर नहीं उतारा जाएगा। अनुबंधित बसों के मालिकों को भी वाहनों की मरम्मत कराकर उपलब्ध रखने को कहा गया है। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी स्वीकृत नहीं होंगी। भैयादूज पर स्थानीय मार्गों पर भी अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाएगी।
चालक-परिचालकों को रोजाना 400 रुपये प्रोत्साहन
त्योहारों में अधिक बसें चलाने के लिए चालक-परिचालकों को भी प्रोत्साहन राशि मिलेगी। यूपी रोडवेज के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह के मुताबिक संविदा और आउटसोर्सिंग सहित पात्र कर्मचारियों को निर्धारित मानक पूरे करने पर प्रतिदिन 400 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए कम से कम 11 दिन ड्यूटी और रोजाना औसतन 300 किलोमीटर बस चलाना जरूरी होगा। 11 दिन मानक पूरा करने पर 4,400 रुपये और 12 दिन ड्यूटी करने पर 4,800 रुपये मिलेंगे। निर्धारित दूरी से अधिक बस चलाने पर संविदा और बाह्य स्रोत के कर्मचारियों को 55 पैसे प्रति अतिरिक्त किलोमीटर भी दिए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक बस और कार्यशाला कर्मचारियों को भी लाभ
इलेक्ट्रिक बस चलाने वाले नियमित और संविदा चालकों को भी अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। 11 दिन ड्यूटी और 3,300 किलोमीटर संचालन पूरा करने पर निर्धारित राशि के अलावा करीब एक हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, कार्यशाला में लगातार 12 दिन काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को 2,500 रुपये और 11 दिन काम करने वालों को 2,100 रुपये मिलेंगे। क्षेत्रीय प्रबंधकों को 10 हजार और सेवा प्रबंधकों को पांच हजार रुपये देने का प्रावधान है।
नशे में बस चलाने वालों पर रहेगी नजर
यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी चालकों और परिचालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराई जाएगी। प्रवर्तन दलों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं जिससे नशे की हालत में कोई चालक बस न चला सके। बस अड्डों और बसों में साफ-सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने कहा है कि सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।






