धामी ने जवानों के साथ साझा की खुशियां, बोले- हमारे घरों में जलने वाले दीयों के पीछे सैनिकों का त्याग
गढ़ीकैंट के गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान में दीपावली पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सीएम, कहा- वीर जवानों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने जैसी हो रही अनुभूति

देहरादून, 8 नवंबर 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में वीर जवानों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। सीएम ने जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ संवाद किया और देश की रक्षा में उनके साहस, शौर्य और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया। धामी ने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट के वीर जवानों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने जैसी अनुभूति हो रही है। वहीं, सीएम ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ रोशनी का पर्व मनाया।
सीएम ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी अपनों के बीच होती है और सैनिक उनके लिए परिवार का ही हिस्सा हैं। पर्व के अवसर पर अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करना कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। जब देशवासी अपने परिवारों के साथ दीपावली मनाते हैं, तब हमारे वीर जवान सीमाओं पर मुस्तैद रहकर उनकी खुशियों और सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। हमारे घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सैनिकों का त्याग और उनके परिवारों का समर्पण भी है।

पिता के दिए संस्कार उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी
मुख्यमंत्री ने अपने सैनिक परिवार से जुड़ी स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक सैनिक परिवार में हुआ है। उनके पिता ने सेना में रहते हुए देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के जो संस्कार दिए, वे आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्सर गढ़वाल रेजीमेंट के वीर सैनिकों की शौर्यगाथा सुनाया करते थे। विशेष रूप से महावीर चक्र से सम्मानित अमर शहीद जसवंत सिंह रावत के अदम्य साहस और बलिदान का उल्लेख करते थे। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में नूरानांग मोर्चे पर उनका पराक्रम भारतीय सैन्य इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। आज उसी गौरवशाली रेजीमेंट के जवानों के बीच उपस्थित होकर उन्हें अपने पिता की बातें याद आ रही हैं। यह उनके लिए गर्व के साथ भावुक कर देने वाला अवसर भी है।
मातृभूमि की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को किया नमन
मुख्यमंत्री ने अमर शहीद जसवंत सिंह रावत सहित मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट का इतिहास अदम्य साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की गौरवगाथा है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर स्वतंत्रता के बाद विभिन्न युद्धों एवं सैन्य अभियानों तक रेजीमेंट के जवानों ने अपनी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। उत्तराखण्ड की वीरभूमि ने सदैव ऐसे सपूतों को जन्म दिया है, जिनके लिए राष्ट्र प्रथम और कर्तव्य सर्वोपरि रहा है। सीएम ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक व ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सेनाओं के आधुनिकीकरण तथा स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग और आधुनिक संचार सुविधाओं के विस्तार से सैन्य आवागमन एवं संचार व्यवस्था भी मजबूत हुई है।

शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाई
धामी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सशक्त और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान एवं कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की व्यवस्था के तहत अनेक आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। इसके लिए आवेदन की समय-सीमा भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है। उन्होने कहा कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्यधाम का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। यह सैन्यधाम देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनेगा।
‘सैनिक करोड़ों देशवासियों के सुरक्षित जीवन के रक्षक’
धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिक परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने व उनकी समस्याओं के संवेदनशीलता से समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सैनिक केवल देश की सीमाओं के प्रहरी नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के सुरक्षित जीवन और खुशियों के रक्षक भी हैं। सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण के प्रति पूरा देश कृतज्ञ है। मुख्यमंत्री ने वीर जवानों के साथ उनके परिवारों को भी नमन करते हुए सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनन्द स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, उत्तराखंड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आरएस थापा, कर्नल प्रतुल थपलियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल रवि मोहन बिष्ट, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित जोशी, लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सिद्दीकी सहित सैन्य अधिकारी व जवान मौजूद रहे।
सीएम ने स्वयंसेवकों के साथ मनाया रोशनी का पर्व
धामी देहरादून स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पदाधिकारियों व स्वयंसेवकों के साथ दीपावली का पर्व मनाया और सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और हमारी समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, निराशा से आशा की ओर और असत्य से सत्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। सीएम ने कहा कि दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव, सेवा, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला पर्व भी है। यह अवसर हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने व सामूहिक रूप से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।





