
देहरादून, 2 अप्रैल 2025 :
उत्तराखंड राज्य के श्रमिकों का कल्याण सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए और उनकी कार्यान्वयन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को मिलने वाली विभिन्न योजनाओं को एक छत के नीचे लाने की जरूरत है, जिससे सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रमिकों को प्राथमिकता देते हुए उनकी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और उनके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है और श्रमिकों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उत्तराखंड में 30 लाख श्रमिकों का पंजीकरण, 20 लाख का सत्यापन पूरा
बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड में अब तक लगभग 30 लाख श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 17 लाख महिला और 13 लाख पुरुष श्रमिक शामिल हैं। इनमें से 20 लाख श्रमिकों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। सत्यापित श्रमिकों में 2.5 लाख निर्माण श्रमिक और 17.5 लाख अन्य श्रेणियों के कामगार हैं।
श्रम विभाग ने ई-श्रम पोर्टल के तहत पंजीकृत 15 लाख श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया है, जिसके तहत 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्रदान किया जाता है। पीएम श्रम योगी मानधन योजना में अब तक 39,567 श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 20,509 महिला और 19,058 पुरुष श्रमिक शामिल हैं।
योजनाओं की प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक सरल भाषा में पहुंचे और बोर्ड के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि बैठक में प्रस्तुत पीपीटी में तीन प्रमुख बिंदु स्पष्ट रूप से शामिल हों:
- अब तक क्या कार्य हुआ है?
- यदि कोई कार्य लंबित है, तो उसके न होने का कारण क्या है?
- भविष्य की कार्ययोजना क्या है?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए और श्रमिकों के कल्याण के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं।
इस बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव नीतेश झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, बृजेश कुमार संत, वी. षणमुगम, सी. रविशंकर, आयुक्त श्रम दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।






