ग्रामीण सफर को रफ्तार : जनता सेवा बसों के चालकों-परिचालकों का मानदेय बढ़ा, गांवों तक सुरक्षित सफर को बढ़ावा
चालक-परिचालकों को 14 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त भुगतान का लिया निर्णय, ग्रामीण यात्रियों को साधारण बसों से 20 प्रतिशत कम किराये का मिलेगा लाभ
लखनऊ, 7 फरवरी 2026:
यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के तहत संचालित बसों में कार्यरत चालकों और परिचालकों के मानदेय में 14 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि कर दी गई है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन से जुड़े कर्मियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और सेवा की निरंतरता भी सुनिश्चित होगी।
प्रदेश परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि अब तक संविदा चालकों और परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से मानदेय दिया जा रहा था। इसे बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। मानदेय में यह बढ़ोतरी बस संचालकों और सेवा प्रदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में बसों का नियमित, सुरक्षित और सुचारु संचालन संभव हो सकेगा।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह सुलभ, किफायती और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के तहत चलने वाली बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है। इससे ग्रामीण यात्रियों को कम किराये में अपने गंतव्य तक पहुंचने का लाभ मिल रहा है।
परिवहन विभाग के अनुसार इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में कुल 395 अनुमन्य मार्गों पर 299 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाया है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार के अवसरों तथा बाजारों तक पहुंच को बेहतर किया है।
संविदा चालकों और परिचालकों के मानदेय वृद्धि का यह निर्णय न केवल परिवहन कर्मियों के लिए संबल साबित होगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास को भी नई गति देगा। मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना आज ग्रामीण उत्तर प्रदेश के लिए सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा की पहचान बनती जा रही है।






