डिप्लोमा इंजीनियर्स ने निकाली रैली…सचिवालय जाने से रोका, सड़क पर दिया धरना
27 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका जमकर हुई नारेबाजी
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 23 फरवरी 2026:
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर सोमवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स ने सचिवालय कूच कर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से लंबित 27 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज इंजीनियर्स ने सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे इंजीनियर्स पहले परेड ग्राउंड में जमा हुए। वहां से रैली की शक्ल में नारे लगाते हुए सचिवालय की ओर बढ़े। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इसके बाद इंजीनियर्स वहीं सड़क पर बैठ गए और धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने कहा कि 2 फरवरी से शुरू हुए आंदोलन के पहले चरण के बावजूद मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, जिस वजह से सचिवालय कूच करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ वेतन या पदोन्नति की नहीं बल्कि सम्मान और हक की है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
महासचिव वीरेंद्र गुसाईं ने कहा कि प्रदेश भर के अभियंता एकजुट हैं और अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हैं। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष आशीष यादव ने भी कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उठी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
महासंघ की प्रमुख मांगों में वर्ष 2006 से चली आ रही वेतन विसंगति दूर कर शुरुआती ग्रेड पे 4600 लागू करना, समयबद्ध पदोन्नति, पुरानी पेंशन बहाली, पेयजल विभागों का राजकीयकरण, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और विभागों में राजनीतिक दखल खत्म करना शामिल है।






