राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 6 मार्च 2026:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले राजभवन में महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान और मेरी पहचान 2026 कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।
राजभवन के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह व महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने संयुक्त रूप से सम्मान प्रदान किए। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में काफी तेजी से तरक्की की है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तराखंड की महिलाएं अहम भूमिका निभाएंगी।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वात्सल्य योजना लागू की है। इसके साथ ही अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की शुरुआत घर से होती है। जब परिवार में महिलाओं को सम्मान और बराबरी का स्थान मिलेगा, तभी समाज में असली बदलाव दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का असली सशक्तिकरण तब माना जाएगा जब उन्हें अपने अधिकारों के लिए अलग से आवाज उठाने की जरूरत ही न पड़े।
कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला गुरमीत कौर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ गीता खन्ना, विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन और निदेशक बंशीलाल राणा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।






