लखनऊ, 11 मार्च 2026:
यूपी में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना कई लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल रहा है। महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज की वंदना यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं। वंदना यादव ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण प्राप्त कर अपनी ऑयल मिल की स्थापना की। उन्होंने बताया कि इस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता के साथ-साथ व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी मिला। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपना उद्यम शुरू करने का फैसला लिया।
वंदना ने बैंक से ऋण लेकर अपने पति के साथ मिलकर मोहनलालगंज के गांव खुजेहटा में ऑयल मिल स्थापित की। यहां सरसों के शुद्ध तेल का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने अपने उत्पाद का एक अलग ब्रांड भी लॉन्च किया है। इससे स्थानीय बाजार में उनके उत्पाद की पहचान बन रही है।
उनकी ऑयल मिल में तैयार सरसों का तेल आसपास के कई गांवों और जिलों तक पहुंच रहा है। इस छोटे से उद्यम ने न केवल वंदना को आत्मनिर्भर बनाया है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। उनके प्रयासों से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक का ऋण भी दिया जा सकता है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर वर्ष एक लाख नए उद्यमी तैयार करना है जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें और राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा मिले। ऐसे में वंदना यादव जैसी महिलाएं इस योजना की सफलता की मिसाल बनती जा रही हैं।





