लखनऊ, 19 अप्रैल 2026:
यूपी में भीषण गर्मी के मद्देनजर बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। ऊर्जा विभाग ने इस वर्ष संभावित पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए करीब 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की व्यापक रणनीति तैयार की है। इससे प्रदेशवासियों को गर्मी के दौरान निर्बाध और सुचारु बिजली मिल सकेगी।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक अप्रैल से सितंबर के बीच हर साल बिजली की मांग में तेजी आती है। इस वर्ष जून में पीक डिमांड लगभग 33,375 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। यह अब तक के उच्चतम स्तरों में से एक होगा। वहीं मई और जुलाई में भी मांग 31 से 32 हजार मेगावाट के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
इस बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने सभी नए थर्मल पावर प्लांट यूनिट्स को चालू कर दिया है। घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर जैसी प्रमुख परियोजनाओं से उत्पादन शुरू हो चुका है। इससे प्रदेश की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही घाटमपुर परियोजना की तीसरी यूनिट 30 अप्रैल तक चालू होने की संभावना है जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी।
यूपीपीसीएल के एमडी पंकज कुमार के अनुसार पीक आवर्स में लगभग 80 प्रतिशत बिजली की मांग पहले से किए गए एमओयू (लॉन्ग टर्म टाई-अप) के जरिए पूरी की जाएगी। इससे अचानक बढ़ने वाली मांग के बावजूद आपूर्ति में स्थिरता बनी रहेगी। इसके अलावा शेष जरूरत को पूरा करने के लिए बिजली एक्सचेंज प्लेटफॉर्म आईईएक्स, पीएक्सआईएल और एचपीएक्स से अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी।
सरकार ने अन्य राज्यों के साथ लगभग 4,663 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग व्यवस्था भी की है। इस व्यवस्था के तहत जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से बिजली ली जा सकेगी और बाद में लौटाई जाएगी जिससे आपूर्ति संतुलित बनी रहेगी। मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। फीडर स्तर पर निगरानी बढ़ाकर लाइन लॉस कम करने का अभियान भी तेज किया गया है। साथ ही स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।






