एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 24 अप्रैल 2026:
राजधानी स्थित PGI थाना क्षेत्र स्थित संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SGPGI) की इमरजेंसी में युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी बहस व धक्का-मुक्की हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। संस्थान का सिक्योरिटी डिपार्टमेंट इससे बेखबर रहा हालांकि पुलिस ने मौके पर जाकर हालात संभाल लिए।
गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के परहेठा गांव निवासी किसान अजय पांडेय का 20 वर्षीय बेटा दिव्यांशु पांडेय गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे मोहनलालगंज में अपने ननिहाल गया था। परिजनों के मुताबिक वहां पहुंचते ही वह अचानक गिर पड़ा और बेहोश हो गया। उसे तुरंत PGI की इमरजेंसी में लाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर ब्रेन हेमरेज की आशंका जताई गई।

डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध बताते हुए पोस्टमार्टम की बात कही, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि परिजन और उनके साथ मौजूद अधिवक्ता जब इमरजेंसी के अंदर जाने लगे तो सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और अभद्रता की बात सामने आई है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान मृतक की मां रश्मि और बहन स्नेहा का रो-रोकर बुरा हाल रहा, जिससे अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुट गई।
PGI के सुरक्षा अधिकारी डी.के. पांडेय का कहना है कि मामला पहले उनकी जानकारी में नहीं था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद जांच की जा रही है। वहीं चौकी प्रभारी परवेज आलम के मुताबिक डॉक्टरों ने केस को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अपनाई, इसी बात पर कहासुनी हुई थी। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।






