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सरकारी स्कूलों का सुपर रिजल्ट : सर्वोदय विद्यालयों ने 99% से ज्यादा सफलता के साथ तोड़ा मिथक

प्रदेश की योगी सरकार की शिक्षा नीतियों का असर, संसाधनों और स्मार्ट क्लास से बदली तस्वीर, बेटियों ने भी दिखाया दम

लखनऊ, 26 अप्रैल 2026:

यूपी में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर बनी पुरानी धारणाएं अब तेजी से टूटती नजर आ रही हैं। योगी सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का असर अब सीधे परीक्षा परिणामों में दिखाई देने लगा है। यूपी बोर्ड के हालिया घोषित परिणामों में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नई मिसाल पेश की है।

सर्वोदय विद्यालयों का हाईस्कूल का रिजल्ट 99.19 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का कुल परिणाम 99.03 प्रतिशत दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि सरकारी स्कूलों की छवि बदलने वाली होने के साथ यह भी साबित करती है कि सही संसाधन, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने पर छात्र किसी भी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

इस बार गाजियाबाद के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय निडौरी की छात्राओं ने विशेष उपलब्धि हासिल की है। इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में अंजली पुंडीर ने 88.20 प्रतिशत अंक पाकर जनपद में चौथा स्थान हासिल किया। अंशिका ने 87.40 प्रतिशत अंक के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। ये सफलताएं बताती हैं कि बेटियां अब हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नया इतिहास रच रही हैं।

हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष कुल 2457 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। उनमें से 2437 उत्तीर्ण रहे। मेधावी छात्रों में गाजीपुर की उजाला निषाद (94.33%), प्रयागराज की अनुष्का त्रिपाठी (93.16%), बांदा के पवन कुमार (92.67%), भदोही के आदर्श कुमार (92.66%) और चंदौली के सुनील कुमार (92.50%) प्रमुख रहे।

इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में 1058 में से 1046 और कला वर्ग में 801 में से 795 छात्र-छात्राएं सफल हुए। कला वर्ग में बिजनौर की राधिका (86.80%), कुशीनगर की सुमन भारती (86.20%) और अमेठी की शालू (85.20%) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विज्ञान वर्ग में अंजली पुंडीर, दीपक सिंह, अंशिका, मानशू और विकास यादव ने बेहतरीन अंक हासिल किए।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट क्लास, प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकें और सुरक्षित वातावरण जैसी सुविधाओं ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। योगी सरकार के प्रयासों से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर तेजी से बदली है। अब ये स्कूल भी सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं।

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