राजकिशोर तिवारी
देहरादून 7 मई 2026:
उत्तराखंड में टिहरी झील क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यह काम ‘वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ योजना से किया जाएगा। इसके लिए एक मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने इस सम्बन्ध में गुरुवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि टिहरी झील, रिंग रोड एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक व्यापक और एकीकृत (हॉलिस्टिक) मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी को एक ऐसे ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए, जहां एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस सेंटर, इको टूरिज्म और प्राकृतिक सौंदर्य का संतुलित समावेश हो। इसके लिए टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी को डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि योजना में टिहरी झील रिंग रोड, आइकोनिक ब्रिज, हरित पैदल मार्ग, इको पार्क, व्यू पॉइंट्स, वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया जाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में साइट स्पेसिफिक कंस्ट्रक्शन सुनिश्चित करते हुए ग्रीन एरिया और प्राकृतिक सौंदर्य को हर हाल में संरक्षित रखा जाए। मुख्य सचिव ने टिहरी क्षेत्र की एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी को मजबूत करने, सड़कों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के साथ नए मार्गों की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आइकोनिक पुलों का डिजाइन सी-प्लेन संचालन की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाए। डोबराचांटी पुल के पास हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार एवं अभिषेक रोहिला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






